
जैतहरी नगर परिषद द्वारा नवनिर्मित श्री रतन टाटा व्यापार परिसर के लोकार्पण कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के भीतर गुटबाज़ी खुलकर सामने आई। कार्यक्रम में बीजेपी के कई पार्षद एवं उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
बताया जा रहा है कि पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों सहित कई बीजेपी पार्षदों ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी, जिससे यह आभास हुआ कि मानो पार्टी के भीतर अंतर्कलह के चलते कार्यक्रम का सामूहिक बहिष्कार किया गया हो। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह स्थिति बीजेपी के भविष्य के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
गौरतलब है कि हाल ही में जैतहरी नगर परिषद अध्यक्ष उमंग गुप्ता द्वारा जैतहरी निवासी राठौर समाज के एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद राठौर समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला और समाज एकजुट नजर आया।
लोकार्पण कार्यक्रम में राठौर समाज की लगभग पूरी अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। जानकारी के अनुसार, लीलाधर राठौर को छोड़कर समाज का कोई भी प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद नहीं था, जबकि जैतहरी नगर परिषद की सत्ता में राठौर समाज के मतों की अहम भूमिका मानी जाती है।
पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि नगर परिषद जैतहरी के अध्यक्ष की राजनीतिक मुश्किलें कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं और इसका सीधा असर पार्टी की एकजुटता पर भी पड़ता नजर आ रहा है।


