कोरबा-: दिनांक 16 /01/26/ को ताला पार पंचायत भवन में 5 गांवों के सरपंच प्रतिनिधियों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। जिसमें कोरबा परियोजना के अंतर्गत आने वाली सरायपाली खुली खदान के अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष प्रभावित गांवों तालापार ,धुगुपत्थरा,राहाडीह,,सरायपाली,मुंगाडीह, खैरादुबान,बक्साही, दमिया बैठक कोयला मजदूर पंचायत (HMS) के तत्वाधान में संगठन के केंद्रीय उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह तंवर के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। बैठक में निम्नलिखित समस्याओं पर चर्चा हुई l
1) पेयजल की समस्या का स्थाई समाधान।
2) मकान एवं विद्यालयों में खदान में जो ब्लास्टिंग से दरार आई है और भविष्यं में कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है जिस पर तत्काल एस ई सी एल कोरबा प्रबंधन द्वारा तत्काल पहल
3) लगातार प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर का आयोजन एस ई सी एल कोरबा प्रबंधन द्वारा
4) स्वसहायत समूहों को एस ई सी एल द्वारा प्रदत्त योजनाओं को लाभ मिले और वो आर्थिक रूप से मजबूत बने
5) प्रत्यक्ष प्रभावित और अप्रत्यक्ष प्रभावितों को तत्काल उनकी योग्यता अनुसार वैकल्पिक रोजगार से जोड़ना
6) पूर्व में जो मज़दूर कार्यरत थे उनकी सम्पूर्ण बहाली
7) तालापार गांव में जो खदान से प्रदूषित जल निकासी की जाती है उसका तत्काल समाधान
संगठन के केंद्रीय उपाध्यक्ष ने बताया कि सरायपाली खुली खदान जो पिछले 6 वर्षों से संचालित है ,केवल कोयले उत्पादन पर ही एस ई सी एल कोरबा प्रबंधन ध्यान दे रही है और उस खदान के प्रत्यक्ष प्रभावित गांवों और अप्रत्यक्ष प्रभावित गांवों के सामुदायिक विकास पर एक भी पहल नहीं किया गया है। केवल आज तक आवेदन पर आवेदन लिए गए है जिनका आज तक कोई क्रियान्वयन धरातल पर नहीं हुआ है। और खदान प्रभावित जितने भी किसान परिवार हैं उनका शोषण किया है खदान से दूषित पानी उनके खेतों तक छोड़कर ब्लास्टिंग से काफी मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं l विद्यालयों की दीवारों पर भी दरार आ गई है। उसके साथ साथ वहां के बेरोजगारों की उपेक्षा करके बाहर से मजदूर लाकर वहां की नई आउट सोर्सिंग कंपनी विनय कुमार उपाध्याय एस ई सी एल के सहयोग से कर रही है। यहां तक कि आउट सोर्सिंग कंपनी और एस ई सी एल कोरबा प्रबंधन मिलकर श्रम कानून का पूरा उल्लंघन कर रही है मजदूरों को केस भुगतान कर रही है 26 दिन की जगह 30 दिन की ड्यूटी ली जा रही है। और कई मजदूरों को 12 घंटे ड्यूटी ली जा रही। संगठन उपाध्यक्ष ने सीधे शब्दों में एस ई सी एल कोरबा प्रबंधन को कहा कि यदि जल्द ही इन मांगो पर विचार नहीं किया तो संपूर्ण रूप से सरायपाली खदान के उत्पादन को बंद कर दिया जाएगा और संगठन एक अनिश्चित कालीन आंदोलन पर जाएगी जिस संबंध में 22 /01/26/ को कोरबा प्रबंधन से लेकर एस ई सी एल बिलासपुर मुख्यालय तक पत्र व्यवहार कर और श्रमिकों के शोषण के मामले को लेकर श्रमायुक्त (केंद्रीय) बिलासपुर को भी पत्र प्रेषित कर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी एस ई सी एल कोरबा प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी। बैठक में प्रमुख रूप से सरायपाली सरपंच संतोष मेश्राम, बक्साही सरपंच प्रतिनिधि योगेश राज, खैरदुबान सरपंच प्रतिनिधि दिलहरन मरावी मुनगाडीह सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र कोराम दुगुपत्थरा सरपंच प्रतिनिधि राजकुमार बिंझवार,बसंत सोनी,ओमप्रकाश,संजय नेटी,चंद्रपाल सिंह,मनोज यादव,सत्यनारायण मरावी , सहस राम,अशोक यादव,महेंद्र यादव,अजीत ,संजय कुमार,रामचंद्र,योगेश्वर सिंह राज,सनत कुमार देवनारायण जायसवाल,राम खिलावन,फूल शंकर और काफी संख्या में ग्रामीण युवा उपस्थित थे।
ताला पार पंचायत भवन में 5 गांवों के सरपंच प्रतिनिधियों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई
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