बिहार भूमि सर्वे पर पटना हाई कोर्ट का कड़ा फैसला

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– अब सर्वे के नाम पर बाप-दादा की जमीन छीनना आसान नहीं होगा !

बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वे के बीच पटना हाई कोर्ट ने जमीन मालिकों के हक में बड़ा और ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि सरकारी अधिकारियों की मनमानी अब नहीं चलेगी और बिना ठोस आधार के किसी को बेदखल नहीं किया जा सकता।

कोर्ट के फैसले की 5 बड़ी बातें (हर जमीन मालिक को जाननी चाहिए):

1 कब्जा भी बड़ा अधिकार है: वर्षों से जमीन पर कब्जा और रैयती हक को सिर्फ सर्वे के नाम पर खत्म नहीं किया जा सकता।

2 कागज ही सब कुछ नहीं: Registry, खतियान या अन्य दस्तावेज ही मालिकाना हक का एकमात्र सबूत नहीं हैं।

3 अंतिम फैसला कोर्ट काः जमीन किसकी है, यह तय करने का अधिकार सर्वे अधिकारी नहीं, बल्कि दीवानी अदालत का है।

4 दस्तावेज गायब तो जनता दोषी नहीं: अगर सरकारी रिकॉर्ड ही गायब हैं, तो लोगों को इसकी सजा नहीं दी जा सकती।

5 लगान रसीद और रजिस्टर-2 मजबूत सबूतः अगर आपके पास ये हैं, तो आपका पक्ष काफी मजबूत माना जाएगा। बजागरूक रहें, डरें न

यह फैसला खगड़िया के एक मामले में आया है, लेकिन इससे पूरे बिहार के जमीन मालिकों को बड़ी राहत मिली है। सरकार सर्वे जारी रखेगी, लेकिन कोर्ट ने आम जनता के अधिकारों पर मजबूत सुरक्षा कवच दे दिया है  विजय लक्ष्मी पांडे

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