सक्ती में यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाज़ारी के खिलाफ AAP का धरना प्रदर्शन*

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जिला सक्ती, 1 सितम्बर 2025। प्रदेश में यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाज़ारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने आज 1 सितम्बर 2025 को प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन किया गया। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष ईश्वर साहू ने बताया है कि  आज सक्ती जिले कचहरी चौक पर सक्ती में किसानों की समस्यायों पर धरना प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि आधा खरीफ सीजन गुजर जाने के बाद भी राज्य में यूरिया की कमी किसानों के लिए चिंताजनक है। इस बार सरकार समय पर डीएपी खाद भी उपलब्ध नहीं करा पायी है। आज जो यूरिया और खाद की कमी हुई है इसमें सरकार की नाकामी है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री जी ने खाद और यूरिया कि पर्याप्त आपूर्ति की बात कहीथी लेकिन वो भी एक जुमला ही निकला? कृषि विभाग ने यूरिया और खाद की आपूर्ति के लिए कोई योजना नहीं बनाई थी। प्रदेश के कुछ जगहों पर परेशान किसानों द्वारा आत्महत्या करने की भी कोशिश की है। लेकिन सरकार को किसानों की समस्याओं से कोई वास्ता नहीं है। छत्तीसगढ़ में इस खरीफ सीजन के लिए किसानों ने करीब 1200 करोड रुपए का कर्ज लेकर धान और अन्य फसलों की जैसे तैसे खाद की कमी के बावजूद बुवाई की है लेकिन सही समय पर यूरिया की कमी से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

बारिश के इस महत्वपूर्ण समय में यूरिया की अनुपलब्धता से फसल उत्पादन पर असर पड़ने का भी खतरा मंडरा रहा है अब तक किसानों की जरूरत का आधा या उससे भी कम यूरिया मिल पाया है जिससे उनकी मेहनत और लागत पर संकट छाया हुआ है। छत्तीसगढ़ की कृषि विभाग द्वारा  सभी जिलों की अधिकतर सहकारी समितियां में यूरिया का पर्याप्त भंडारण नहीं किया जा सका। इसलिए आज किसानों को 266 रूपये में मिलने वाला यूरिया 1200 में लेना पड़ रहा है और पहले 1350 रुपए प्रति बैग वाली डीएपी को 2200 रूपये में निजी विक्रेताओं से मजबूरी में खरीदना पड़ा था। यूरिया की किल्लत और कालाबाज़ारी से राज्य के किसान परेशान हैं।

प्रदेश सरकार की नाकामी से सबका पेट भरने वाला किसान आज परेशान है,प्रदेश के कई जिलों में कम वर्षा के कारण खेतों में दरारे पड़ रहीं हैं अगर किसानों को समय पर यूरिया और खाद मिल जाता तो शायद ये स्थिति ना होती। सरकार की गैर जिम्मेदारी से किसान अगर आत्महत्या को मजबूर होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

इस सीजन में किसानों ने धान के अलावा दलहन और तिलहन की फसलें लगा रखी हैं मानसून में मौसम अनुकूल होने के बावजूद खाद की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब यदि अगले एक सप्ताह में यूरिया की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो फसलों की पैदावार पर गंभीर असर पड़ सकता है। आज कर्ज के बोझ तले दबे किसान सरकार और प्रशासन की उपेक्षा से चिंतित हैं।

आम आदमी पार्टी राज्य में किसानों को हो रही इन परेशानियों पर सरकार का विरोध करती है इसी संबंध में आज आम आदमी पार्टी जिला सक्ती और सक्ती जिले के किसानों ने मिलकर कलेक्टर महोदय को ज्ञापन दिया गया है। और यदि जल्द ही सरकार ने किसानों की परेशानियां दूर नहीं की तो आम आदमी पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर और बड़ा आंदोलन करेगी। इस मौके पर जिला अध्यक्ष ओबीसी विंग टिकेश्वर चंद्रा,जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह, जिला उपाध्यक्ष प्रीतम खुटे,जिला सचिव मन्नू महंत,जिला सचिव लतेल करियारे,जिला उपाध्यक्ष राकेश पटेल,जिला यूथ विंग अजय मनहर, सत्या आदित्य,रामकिशन आदित्य, लवीश कुमार, लक्ष्मी आदित्य, जिला संगठन मंत्री दिलेश्वर यादव, बुधारू जांगडे,राणा भारद्वाज, नीलकंठ पटेल,वेदराम साहू,राधेश्याम, महेंद्र कुमार,शिवशंकर सिदार, एवं क्रांतिकारी साथी उपस्थित थे।

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