यह अखबार की खबर अनूपपुर जिले की रेलवे साइडिंग से 1200 टन कोयले के रहस्यमय तरीके से गायब होने के बारे में है.
मुख्य बिंदु:
कोयला गायब होने का मामला: बिजुरी स्थित शारदा मां लॉजिस्टिक साइडिंग से हिंद एनर्जी कंपनी का 1200 टन कोयला गायब हो गया है.
कालाबाजारी और मिक्सिंग: सूत्रों के अनुसार, यह सिर्फ शॉर्टेज नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रहे कोयला मिक्सिंग और कालाबाजारी का गोरखधंधा है, जिसमें बड़े नामों की मिलीभगत की आशंका है.
विभागों की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की नीति: रेलवे, खनिज विभाग, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और स्थानीय नगरीय निकाय जैसे सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं और कोई भी जांच करने को तैयार नहीं है.
जांच की आहट और संभावित खुलासे: इस मामले में विभागीय जांच की आहट है, जिससे स्थानीय माफिया, कंपनी के प्रबंधक, यार्ड इंचार्ज और ट्रांसपोर्टर सहित कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं.
कोयला माफिया का फॉर्मूला: लोडिंग के समय असली कोयले में घटिया कोयले की मिलावट की जाती है, रिकॉर्ड में उच्च गुणवत्ता वाला कोयला दर्ज किया जाता है, और परिवहन में घटिया कोयला भेजा जाता है, जिससे माफिया को लाखों का मुनाफा और सरकार को भारी नुकसान होता है.
मास्टरमाइंड की चर्चा: इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है.


