जो लोग संस्कार करवाने के लिए ब्राह्मण को बुलाते हैं उनसे एक सवाल है कि क्या आपको नहीं लगता है कि आप बाबा साहब अंबेडकर की सोच के खिलाफ जा रहे हैं

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*💎बाबा साहब और 👶ब्राह्मणवादी संस्कार*
                    
*👩👨जो लोग संस्कार करवाने के लिए ब्राह्मण को बुलाते हैं उनसे एक सवाल है कि क्या आपको नहीं लगता है कि आप बाबा साहब अंबेडकर की सोच के खिलाफ जा रहे हैं ?*
 
*👨👩जो लोग बाबा साहब अंबेडकर की सोच के साथ साथ सभी बहुजन महापुरुषों जिनमें संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज कबीर ,नारायणा गुरु, रामास्वामी पेरियार, ज्योतिराव फुले, सावित्री बाई फुले व मान्यवर कांशीराम साहब की विचारधारा के विरुद्ध जाकर अथवा बाबा साहब से भी ज्यादा बुद्धिमान स्वयं को मानकर अपने घर संस्कार करवाने के लिए ब्राह्मण को बुलाते हैं उनका अक्सर जवाब होता है*

*😡😡कि ब्राह्मण से संस्कार करवाने की सदियों से परम्परा रही है। उनकी यह बात बिलकुल सत्य है इसमें कोई दो राय नहीं है*
*👉लेकिन परम्परा तो मरे हुए जानवरों को उठाने की भी थी,*
*👉परम्परा तो गले में मटकी और कमर में झाड़ू बांधने की भी थी,*
*👉परम्परा तो अपनी दुल्हन को सबसे पहले ब्राह्मण के पास भेजने की भी थी,*
*👉परम्परा तो फटे पुराने वस्त्र पहनने व झूठन खाने की भी थी,*
*👉परम्परा तो गंदा पानी पीने की भी थी,*
*👉परम्परा तो गाँव से बाहर झोपड़ियों में रहने की भी थी,*

*👉परम्परा तो कर्मचारी व अधिकारी बनने की बजाय गुलाम व दास बनकर ऊपर के तीनो वर्णों की सेवा करने की भी थी,*

*👉परंपरा तो SC, ST, OBC के लोगों को अनपढ़ रखने की भी थी।*

*यदि यकीन नहीं आता है तो हिंदू धर्म गर्न्थो को पढ़कर देख लेना जिनमें साफ साफ लिखा हुआ है कि शुद्र समाज के लोग किसी भी सूरत में पढ़ने नहीं चाहिए, यदि वे वेदों को पढ़ लें तो उनकी जीभ काट देनी चाहिए और वेद मंत्रों को सुन लेते हैं तो उनके कानों में शीशा पिंघलाकर डाल देना चाहिए।*
*😡कुछ लोगों का कहना होता है कि हिंदू धर्म गर्न्थो में शूद्रों को पढ़ने के लिए मना नहीं किया है बल्कि केवल वेदों को पढ़ने के लिए ही मना किया है इन अक्ल के अंधों को यह भी मालूम नहीं है कि पहले स्कूल कॉलेज नहीं होते थे*
*गुरुकुल व आश्रम में पढ़ाया जाता था और वहाँ पर केवल वेदों को ही पढ़ाया जाता था।*

*👩👨आजकल शोषित समाज के लोग केवल पढ़ ही नहीं रहे हैं बल्कि अध्यापक व प्रोफेसर बनकर पढ़ाने का काम भी कर रहे हैं व सरकारी कर्मचारी ही नहीं बल्कि बड़े बड़े अधिकारी भी बन रहे हैं और यह सब बाबा साहब अंबेडकर के जीवन संघर्ष की बदौलत सम्भव हो पाया है।*
*💎बाबा साहब अंबेडकर की सोच  थी कि हमें कोई भी संस्कार ब्राह्मण के द्वारा बिलकुल भी नहीं कराना चाहिए।*

*💎बाबा साहब अंबेडकर ने इस सम्बंध में बाकायदा संकल्प लिया था कि मैं कोई भी संस्कार ब्राह्मण से नहीं करवाऊंगा।*
*👉ऐसा संकल्प पूरे शोषित समाज को लेना चाहिए  लेकिन हमारे लोग आज भी संस्कार करवाने के लिए उसी ब्राह्मण को बुलवाते हैं जिसके लिए बाबा साहब ने मना किया था।*

*👩👨अतः एक बार पुनः विचार करिए। आपको ऐसा नहीं लगता है कि  संस्कार के लिए ब्राह्मण को  बुलाकर आप बाबा साहब अंबेडकर की सोच के साथ साथ तमाम बहुजन महापुरुषों की विचारधारा के विरुद्ध जा रहे है।*

*👩👨अगर मैंने स्कूल – कॉलेज से लेकर नोकरी और किसी भी व्यवसाय के लिए बाबा साहब के द्वारा संविधान प्रदत अधिकारों का लाभ लिया है अपने और अपने परिवार के लिए तो मैं निश्चत रूप से बाबा साहब का/ की ऋणी हूँ।*

*👨👩इसलिए मुझे बाबा साहब की विचारधारा के विरुद्ध नहीं जाना है ये हमारा दृण निश्चिय होना चाहिए।*

*👩👨इतना सब कुछ जानने के बाद भी अगर में बाबा साहब की विचारधारा के विरुद्ध जाता हूँ/ जाती हूँ तो फिर मुझसे बड़ा गद्दार और धोखेबाज कोई दूसरा नहीं होगा/ होगी।*
😡😡😡😡😡😡😡😡
🙏🙏🙏🙏
जय भीम जय भारत जय संविधान

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