मौसम का पूर्वानुमान लाइव अपडेट आज:-पहाड़ों पर बर्फबारी और बर्फीली हवाओं के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।
दिल्ली, यूपी (UP), बिहार (Bihar), झारखंड, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान में गिरावट आई है।
मौसम विभाग (IMD) के अपडेट के मुताबिक पहाड़ों में अभी दो दिनों तक बर्फबारी (Snowfall) जारी रहेगी। इससे उत्तर भारत में सर्दी (Cold) और बढ़ेगी। इस हिसाब से दिल्ली (Delhi weather), पश्चिमी यूपी (UP), हरियाणा (Haryana), पंजाब (Punjab) समेत पूरे उत्तर भारत (North India) में अगले कुछ दिनों में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। IMD के मुताबिक, दिल्ली में मौसम शुष्क रहेगा। अगले 72 घंटों के बाद बाद दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) की ठंड में इजाफा होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में करीब दो से तीन डिग्री की गिरावट होने का पूर्वानुमान लगाया गया है।
इस वजह से बढ़ेगी सर्दी
IMD के मुताबिक पहाड़ों में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ का असर अगले हफ्ते से कम होने पर मौसम यू टर्न लेगा और न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे लुढकेगा। यानी सर्दी अपने आप बढ़ जाएगी। इसके बाद दिल्ली का तापमान करीब 5-6 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है जबकि अभी न्यूनतम तापमान 8 डिग्री के आस-पास है। दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब एक डिग्री कम 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिल्ली के कई मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री से ऊपर ही दर्ज हुआ। वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज से सुबह के समय कोहरे का असर बढ़ सकता है।
आज दिल्ली का मौसम ऐसा रहेगा
विभाग के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रहने की संभावना है।हालांकि आज मौसम साफ रहेगा और हल्की हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं आज से अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है। कोहरे के वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित होना शुरू हो गया है। अगले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान लगाया गया है।
मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ का हाल
मौसम विभाग के मुताबिक मध्यप्रदेश में दिन का पारा 25 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। सोमवार से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।वहीं छत्तीसगढ़ के पारे में भी गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है। मौसम वैज्ञानिक लगातार चौबीसों घंटे बादलों, तापमान, हवाओं और चक्रवात का आकलन कर हर दिन मौसम का पूर्वानुमान यानी फोरकास्ट करते हैं। हालांकि कई बार उसके पूर्वानुमान फेल भी हो जाते हैं। यह पूर्वानुमान एक कोड पर बनते हैं। कोड में दिन के मौसम की स्थिति का सटीक आकलन कर डाटा भरा जाता है। इसकी मदद से सुपर कंप्यूटर मौसम का पूर्वानुमान लगाता है।


