अनूपपुर 17 अक्टूबर 2025/ रबी वर्ष 2025-26 हेतु कृषकों द्वारा फसलों की बुवाई हेतु उर्वरकों का उठाव लगातार किया जा रहा है। इस हेतु कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों के संतुलित मात्रा में उपयोग हेतु कृषकों को फसल वार प्रयोग होने वाले उर्वरकों एवं विकल्पों के संबंध में जानकारी दी गई है। जिले में यूरिया 709 मैट्रिक टन, सभी फास्फेटिक उर्वरक 610 मैट्रिक टन, म्यूरेट ऑफ पोटाश 18 मे. टन की मात्रा उपलब्ध है। डी.ए.पी. उर्वरक के विकल्पों एस.एस.पी., 20:20:0:13, 16:16:16, टी.एस.पी. आदि डबल लॉक केन्द्रों अनूपपुर, कोतमा, जैतहरी, पुष्पराजगढ़, समितियों के पास विक्रय हेतु उपलब्ध है।
एस.एस. पी. उर्वरक में पौधों के लिए आवश्यक फॉस्फोरस, सल्फर और कैल्शियम तत्व पाये जाते हैं, जो सभी फसलों के लिए उपयुक्त है। 20.20.0.13 उर्वरक (अमोनियम फॉस्फेट सल्फेट) के कई लाभ हैं, जिसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, सल्फर पाया जाता है, जो तिलहनी फसलों में तेल की मात्रा के साथ उपज व गुणवत्ता दोनों को सुधारता है। टी.एस.पी. में फास्फोरस एवं कैल्शियम होता है जो पौधों के लिए एक अतिरिक्त पोषक तत्व है। कृषकों को डी.ए.पी. के विकल्प के रूप में 20:20:0:13, एस.एस.पी., टी.एस.पी. उर्वरकों के उपयोग करने की सलाह दी गई है। यह उर्वरक जिले में उपलब्ध है। डी.ए.पी. से नाईट्रोजन एवं फास्फोरस के अलावा अन्य पोषक तत्व फसलों को नहीं मिलते हैं जबकि एन.पी. के. उर्वरकों में नाईट्रोजन, फास्फोरस के साथ पोटाश तत्व भी पाया जाता है।


