गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अवकाश के दिनों में अध्यापन करते हैं डॉ. खान्डे



माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर मे पदस्थ शिक्षक डॉ० डी.ए.प्रकाश खांडे ने शिक्षा के गुणोत्तर विकास के लिए 19/04/2026 रविवार को ICT के माध्यम से सामाजिक विज्ञान विषय मे ” संसाधन और विकास” अध्याय का अध्यापन कार्य किया गया | डॉ. खांडे विगत 3 वर्षों से किसी भी अवकाश के दिनों मे छात्राओं को अधिक समय और समझ विकसित करने के लिए अध्यापन कार्य करते आ रहे हैं जिसके फलस्वरूप परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहता है |
अवकाश के दिन अध्यापन करने से लाभ – डॉ. खांडे के अनुसार
अवकाश के दिनों में पढ़ाने से छात्राओं को पर्याप्त समय मिलता है एवं विषय वस्तु को विस्तार से समझने में आसानी होती है |अवकाश के दिनों में छात्राओं को आनंदमय वातावरण मिल जाता है जिससे उनके मनोभाव और शिक्षा पर असर पड़ता है | अवकाश के दिनों में उन्हें बस्ता के बोझ से मुक्ति मिलती है इसलिए अवकाश के दिनों का अध्यापन रुचिकर और आनंदमय रहता है |
1. ज्ञान में वृद्धि :- अवकाश के दिन अध्यापन करने से आपको अपने विषय में और गहराई से जानने का अवसर मिलता है।
2. शिक्षण कौशल में सुधार :- अध्यापन करने से आपके शिक्षण कौशल में सुधार होता है, जिससे आप अपने छात्रों को बेहतर ढंग से समझा सकते हैं।
3. छात्रों के साथ जुड़ाव :- अवकाश के दिन अध्यापन करने से आपको छात्रों के साथ जुड़ने का अवसर मिलता है, जिससे आप उनकी समस्याओं को समझ सकते हैं और उनकी मदद कर सकते हैं।
4. आत्मविश्वास में वृद्धि :- अध्यापन करने से आपका आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अधिक सक्षम होते हैं।
5. नई रणनीतियों का विकास :- अवकाश के दिन अध्यापन करने से आपको नई शिक्षण रणनीतियों का विकास करने का अवसर मिलता है, जिससे आप अपने शिक्षण को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं।


