कोरबा:-छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस का नशा विरोधी अभियान ‘निजात’ अब रंग लाने लगा है। अभियान से जागरूक होकर राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले संरक्षित जन जाति के पहाड़ी कोरवा नशे को “ना” कहने लगे हैं।जिले में ऐसा पहली बार हुआ है जब पहाड़ी कोरवा आने से नशे का त्याग करने के रास्ते पर बढ़ रहे हैं। ऐसा हुआ है थाना बालकोनगर क्षेत्र के सुदूर वनांचल के ग्राम बाघमारा में। जहां ग्रामीणों ने नशे को ‘ना’, कह कर नशा मुक्त जीवन की शुरुआत कर दी है।
नशा छोड़ने वालों का एसपी ने बढ़ाया हौसला
मिली जानकारी के अनुसार, सुदूर वनांचल गांव बाघमारा के पहाड़ी कोरवाओं ने जागरूक होकर नशामुक्ति का फैसला लेते हुए नशे को कहा “ना” इसकी सूचना मिलने पर पुलिस कप्तान संतोष सिंह उन ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। नशा छोड़ चुके ग्रामीणों से मिलकर उनका हौसला अफजाई किया और जरूरत पर मदद करने का भरोसा दिलाया। साथ ही अन्य ग्रामीणों को नशे से दूर रहने हेतु प्रेरित करने को कहा। शराब छोड़े कोरवा ने कहा कि काफी दिन से नशा छोड़ने प्रयासरत था। पुलिस के निजात कार्यक्रम में साहब की बात सुनने के बाद बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए नशा छोड़ दिया। अब बिना नशे के अच्छा लगता है।
नशा त्यागने वालों को किया गया सम्मान
बिरसोबाई ने कहा की महुआ छोड़ते ही जिंदगी बदल गई है। अब घर परिवार में झगड़ा नही होता। बच्चों पर ध्यान रहता है। गांव में दूसरे लोगों को वे अब नशा करने से मना कर रहे है। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने उपस्थित ग्रामीणों को पुरस्कार स्वरूप शाल वितरित किया गया। इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी और बालको प्रभारी निरीक्षक मनीष नागर उपस्थित थे।


