गूगल ने भारतीय डेवलपर्स पर लागू होने वाली गूगल प्ले बिलिंग सिस्टम पॉलिसी पर रोक लगा दी है। अमेरिकी टेक कंपनी 31 अक्टूबर से इस पॉलिसी को लागू करने की तैयारी कर रही थी।
ऐसे में ऐप डेवलपर्स केवल गूगल बिलिंग सर्विस का ही इस्तेमाल कर सकते थे। इस फैसले को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के उस आदेश के असर के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें CCI ने गूगल को अपने प्लेटफॉर्म पर थर्ड-पार्टी पेमेंट की इजाजत देने का आदेश दिया था। बता दें कि CCI ने लगातार दो बार गूगल पर करोड़ों रुपये का भारी जुर्माना लगाया है।
गूगल की पेमेंट पॉलिसी ऐप डेवलपर्स को बाध्य करती है कि उनकी ऐप में पेमेंट के लिए गूगल प्ले बिलिंग सिस्टम का ही इस्तेमाल करना होगा। इसका मतलब है कि भारत में किसी एंड्रायड ऐप पर एक यूजर अगर कोई सामान या सर्विस खरीदता है, तो उसकी पेमेंट केवल गूगल के सिस्टम से होगी. आपको बता दें कि एंड्रायड का स्वामित्व भी गूगल के पास है। इसलिए एंड्रायड की दुनिया में गूगल का बड़ा दखल है।
Google ने सपोर्ट पेज पर दी जानकारी
हालांकि, CCI के आदेश के बाद गूगल ने अपने सपोर्ट पेज पर जानकारी दी है कि उसने पेमेंट पॉलिसी पर फिलहाल रोक ला दी है। कंपनी का कहना है कि वो अपने कानूनी विकल्पों पर गौर कर रही है। गूगल ने आश्वासन दिया है कि वो एंड्रायड और प्ले में निवेश करना जारी रखेगा। इससे पहले गूगल ने भारत में डेवलपर्स के लिए इस पॉलिसी को लागू करने की डेट 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी।
भारत के बाहर लागू है ये पॉलिसी
गूगल की ये पॉलिसी भारत से बाहर in-app लेनदेन के लिए अनिवार्य रूप से पहले से लागू है। रिपोर्ट्स के मुताबिक गूगल ने भले ही प्ले पेमेंट पॉलिसी को रोकने का ऐलान किया है, लेकिन अभी भी गूगल प्ले बिलिंग सिस्टम के लिए अप्लाई किया जा सकता है। भारत में अगर कोई ऐप डेवलपर गूगल की पेमेंट सर्विस का फायदा उठाना चाहता है, तो वो in-app लेनदेन के लिए अप्लाई कर सकता है।
CCI ने 2 बार जुर्माना ठोका
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 7 दिनों के अंदर दो बार Google पर करोड़ों रुपये का भारी जुर्माना लगाया है।एंड्रायड की दुनिया में अपने एकाधिकार का अनुचित फायदा उठाने के लिए CCI ने सबसे पहले 1337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके कुछ दिनों बाद, Play Store में अपनी मजबूत स्थिति का गलत तरीके से लाभ उठाने के लिए CCI ने गूगल पर 936.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।


