रायपुर से बढ़ाकर 185 कर दी गई है। रायपुर की नालंदा लाइब्रेरी की तर्ज पर 13 नगरीय निकायों में सर्वसुविधायुक्त हाईटेक लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है।
मेरी सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आईटी हब के रूप में स्थापित कर रही है। इसके लिए अनेक कंपनियों से एमओयू किये गये हैं। बिजनेस कॉन्फ्रेन्स तथा मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी इसे विकसित किया जा रहा है। मेडिसिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत यहां 5000 बिस्तरों का अस्पताल बनाने के लिए मेरी सरकार ने 200 एकड़ भूमि चिन्हांकित की है। नवा रायपुर अटल नगर को फार्मास्युटिकल हब के रूप में स्थापित किये जाने के लिए 141 एकड़ भूमि चिन्हांकित की गई है। स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा।
छत्तीसगढ़ की धरती अपने भीतर अपार सुंदरता को समेटे हुए है। कांगेर घाटी से लेकर सेमरसोत तक जंगलों की अद्भुत श्रृंखला पर्यटकों को विस्मय से भर देती है। यहां आदिवासी संस्कृति का जादू है और पंडवानी का चमत्कार भी। एशिया का नियाग्रा यहां है और मैनपाट में मैक्लोडगंज का आभास भी। संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन द्वारा चुने गये विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में से एक कांगेर घाटी का गाँव धुड़मारास है। शांत सुरम्य परिवेश में रचे-बसे हमारे इस अद्भुत प्रदेश में पर्यटकों को खींचने की अपार संभावना है। मेरी सरकार इस सुंदर परिवेश में कुछ नया और बेहतर जोड़ने का लगातार काम कर रही है। अभी गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व की स्थापना मेरी सरकार ने की है। यह देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। अंबिकापुर के दरिमा में माँ महामाया एयरपोर्ट आरंभ किया गया है। अंबिकापुर- बिलासपुर-रायपुर फ्लाइट आरंभ होने से पर्यटकों को काफी सुविधा मिल रही है। जगदलपुर से नियमित विमानों की वजह से बस्तर का सुंदर लैडस्केप देखना पर्यटकों के लिए बेहद सहज हो गया है। होम स्टे की सुविधा देने वाले उद्यमियों को अनुदान देने का प्रावधान नई औद्योगिक नीति में किया गया है। यहां पर्यटन कॉरीडोर का निर्माण किया जा रहा है। इन सबकी वजह से बड़ी संख्या में पर्यटकों के यहां पहुंचने की संभावना है। इसमें बस्तर और सरगुजा के विकास को नई गति मिलेगी।
मेरी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रदेश में लागू किया है। 18 स्थानीय भाषाओं में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई कराई जा रही है। जिस तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस हमारे जीवन में जगह बना रहा है, उसके चलते बहुत जरूरी हो गया है कि हम पूरे समाज को इसके अनुरूप तैयार करें। इसकी शुरूआत स्कूली सिलेबस में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और रोबोटिक्स के पाठ्यक्रम को शामिल कर की गई है। हमारी नई शिक्षा नीति रोजगार परक है। हमारे आईटीआई भी नये दौर की जरूरतों के मुताबिक अपने को बदल रहे हैं। 484 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश के 160 आईटीआई का माडल आईटीआई के रूप में उन्नयन किये जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में 341 पीएमश्री स्कूल आरंभ किये गये हैं। पांचवी और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं भी पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता लोगों के लिए कारगर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रदेश के सभी अस्पतालों में लगातार अत्याधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बिलासपुर में 200 करोड़ रुपए की लागत से सिम्स के विस्तार का कार्य शुरू कर दिया गया है। अंबेडकर हास्पिटल में भी 700 बिस्तर अस्पताल के विस्तार के लिए 231 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिए गए हैं। इसके पूरे होने से आंबेडकर हास्पिटल में 2 हजार बेड की सुविधा हो जाएगी। प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को विकसित करने के लिए चार नये मेडिकल कालेज जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़ और गीदम में भवनों के लिए 1020 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
हमारा प्रदेश भगवान श्रीराम का ननिहाल है। साथ ही यह भूमि भगवान श्रीराम के वनवास के दिनों की साक्षी भी रही है। यह वो पवित्र भूमि है, जहां माता शबरी ने भगवान श्रीराम को जूठे बेर खिलाये। अयोध्या धाम में जब श्रीरामलला की प्राणप्रतिष्ठा हुई तो करोड़ों भारतीयों की आँखों में खुशी के आँसू बह निकले, एक आध्यात्मिक आनंद सबके जीवन में आया। एक लोककल्याणकारी सरकार का दायित्व न केवल लोगों का आर्थिक विकास करना होता है अपितु उनके आध्यात्मिक सुखों को भी ध्यान रखना सरकार का दायित्व होता है।
अपने भांजे श्रीराम के प्रति लोगों की अगाध आस्था को ध्यान में रखते हुए मेरी सरकार ने अयोध्याधाम श्रीरामलला दर्शन योजना आरंभ की। अब तक इस योजना के माध्यम से 20 हजार से अधिक लोग अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। मेरी सरकार ने प्रयागराज महाकुंभ में छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के ठहरने और खान-पान की सुविधा के लिए मेला स्थल में छत्तीसगढ़ पेवेलियन तैयार किया है।
हमारा देश विश्व की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। यह संभव हो सका है हमारे गणतंत्र की वजह से जो हम सबके लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करता है। हमारे प्रधानमंत्री जी ने आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर विकसित भारत की परिकल्पना की है और इसके लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं। मेरी सरकार भी छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने दृढ़ संकल्पित है। इसके लिए मेरी सरकार ने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है।
गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर मैं प्रदेश के सभी नागरिकों से अनुरोध करता हूँ कि संकल्पित भाव से मिल-जुलकर काम करते रहें, हम सबका विकसित छत्तीसगढ़ का सपना अवश्य मूर्त रूप लेगा।


