कोरबा -: आम आदमी जैसे तैसे जुगत कर लाखों रुपए खर्च कर अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए व्यवसायिक वाहन लेते हैं और जब यह वाहन दुर्घटनाग्रस्त अथवा बिगड़ जाती है तो उसे बनाने के लिए सर्विस एजेंसी भेजा जाता है । क्या हो जब यही सर्विस एजेंसी वाहन को ना बनाकर महीने डेढ़ महीने तक वाहन को ऐसे ही खड़ा रखे, वाहन की किश्ती, इंश्योरेंस,टेक्स, ड्राइवर का खर्च इत्यादि मिलाकर वाहन मालिक पर कर्ज का बोझ बढ़ता जाता है। ऐसे में वाहन मालिक परेशान ना हो तो क्या हो।

ताजा मामला कोरबा जिले के छुरी क्षेत्र का है जहां पर संचालित कृष्णा एंड कंपनी टाटा मोटर्स में कुसमुंडा निवासी अमरीक सिंह के द्वारा अपनी 407 वाहन को मरम्मत के लिए दिया गया था , डेढ़ माह बीतने के उपरांत भी मरम्मत कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में वाहन मालिक ने कई बार कृष्णा मोटर के कर्मचारियों पदाधिकारियों को अपनी शिकायतें दर्ज कराई गई, बावजूद इसके किसी के द्वारा किसी प्रकार की कोई शिकायत का हल नहीं किया गया, जिससे वाहन मालिक के आहत होने की वजह से वाहन मालिक के द्वारा मीडिया से संपर्क किया गया मीडिया द्वारा वाहन मालिक की बात को रिकॉर्डिंग किया गया साथ ही मीडिया कर्मियों के द्वारा कृष्णा टाटा मोटर्स के जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने उल्टे मीडिया कर्मी से बदसलूकी करते हुए नियम कानून हवाला देते हुए मीडिया कर्मियों को गेट से बाहर का रास्ता दिखाने की कोशिश की।



