बातोलेबाज सरकार खर्च नहीं कर पाई एक तिहाई बजट अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ेगा एक लाख करोड़ : माकपा

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भोपाल l अब ज़ब वित्तीय वर्ष के खत्म होने में दो सप्ताह से भी कम का समय बचा है, तब मध्यप्रदेश की भाजपा की डॉ मोहन यादव की बातोलेबाज सरकार करीब एक तिहाई बजट खर्च नहीं कर पाई है l यह स्थिति 15 मार्च तक की है l बाकी के 15 दिन में यदि यह राशि खर्च हो भी जाती है तो यह प्रदेश के विकास पर नहीं, बल्कि कागजी खानापूरी कर भाजपा नेताओं, मंत्रियों, नौकरशाहो और बिचोलियों की तिजोरीयों में ही पहुंचेगी l

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी कर कहा है कि 2025-26 के वित्तीय वर्ष के लिए विभिन्न विभागों के लिए 3.31 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, लेकिन 15 मार्च तक 1,09,515 करोड़ रूपये खर्च नहीं हुए हैं l यह आवंटित राशि का 33 प्रतिशत है l यदि यह राशि साढ़े ग्यारह महीनों में खर्च नहीं हो पाई है तो 15 दिन में कागजी जादूगरी से ही उसे ठिकाने लगाया जा सकता है l प्रदेश की जनता के विकास में इसका उपयोग तो सम्भव ही नहीं है l

माकपा राज्य सचिव ने कहा है कि इससे भाजपा का गरीब विरोधी चेहरा भी बेनक़ाब हुआ है, क्योंकि उन्ही विभागों ने सबसे कम बजट खर्च किया है, जहाँ सबसे अधिक खर्च करने की जरुरत है l

जसविंदर सिंह ने कहा है कि भाजपा और उसकी सरकार का मनुवादी चेहरा इससे ही समझ में आ जाता है कि अनुसूचित जाति विभाग ने आवंटित बजट का 42.89 प्रतिशत खर्च नहीं किया है l अब यह राशि वंचित समुदाय के उत्थान पर खर्च होने की बजाय या तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ेगी या फिर सरेंडर हो जाएगी l

माकपा नेता ने कहा है कि ग्रामीण विकास विभाग ने तो 56.18 प्रतिशत राशि खर्च नहीं की है l यह तब है, ज़ब गांव का पिछड़ापन जगजाहिर है l पंचायत विभाग भी 49.09 फीसद बजट खर्च नहीं कर पाया है l इन दोनों विभागों के फिसड्डी होने से भाजपा सरकार का गांव और गरीब विरोधी रुख साफ हो जाता है l

जसविंदर सिंह ने कहा है कि ज़ब सबसे सम्पन्न और तथाकथित स्वच्छ शहर में दूषित पानी से 38 मौतें हो चुकी हैं, तब शहरी विकास मंत्रालय 34.66 प्रतिशत बजट को खर्च नहीं कर सका है l अब इसे बट्टे खाते में डाल कर निपटाया जा रहा है l स्वस्थ जैसे संवेदनशील विभाग की स्थिति भी यही है l ज़ब खांसी के जहरीले सिरप से बच्चों की मौतें हो रही हैं, इंदौर में आईसीयु में चूहे बच्चों को काट रहे हैं , तब स्वस्थ विभाग 30.07 फीसद बजट को खर्च नहीं कर पाया है l इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग भी 28.74 प्रतिशत बजट खर्च नहीं कर सका है l

माकपा राज्य सचिव ने कहा है कि यह अजीब विडंबना है कि एक तरफ राज्य सरकार बार बार हजारों करोड़ रुपए का कर्ज लें रही है, वहीँ दूसरी ओर राज्य सरकार के विभिन्न और महत्वपूर्ण विभाग आवंटित राशि को खर्च ही नहीं कर पा रहे हैं l

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि अब यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि भाजपा की प्रदेश सरकार पूरी तरह अक्षम और भ्रष्ट है l

जसविंदर सिंह
9425009909
20-03-2026

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