
अनूपपुर-जैतहरी से विशेष रिपोर्ट। अनूपपुर जिला के जैतहरी ब्लॉक स्थित MB Power लहरपुर क्षेत्र मं विस्थापित किसान परिवार बर एक बार फिर उम्मीद के किरन दिखे हवय।
भूमि विस्थापित किसान कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अऊ समाजिक कार्यकर्ता हमर बाबू भैया (बबलू राठौर) के संग कार्यकारी अध्यक्ष द्रोपती दीदी मिलके विस्थापित परिवार के हक-अधिकार बर कलेक्टर कार्यालय मं कलेक्टर महोदय के समक्ष मजबूत आवाज उठाइन।
🎒 “दसवीं तक फ्री, ग्यारहवीं-बारहवीं बर फीस – ये कहां तक सही?”
MB Power कंपनी द्वारा चलाय जा रहिस स्कूल मं खातेदार परिवार के बच्चा-बच्ची दसवीं कक्षा तक निःशुल्क पढ़त हें।
लेकिन—
👉 11वीं अऊ 12वीं मं पहुंचत ही भारी फीस के बोझ लाद दे जाथे।
बाबू अऊ आप सब मन के भैया बबलू साफ शब्द मं कहिन—
“जेन परिवार आज घलो विस्थापन के पीड़ा झेलत हवय,
जेन घर के कमाई आज घलो 15-18 हजार ले जादा नई हे,
वो मन अपन बच्चा के पढ़ाई के भारी फीस कहां ले भरहीं?”
*“नाती-पोता घलो कंपनी के बच्चा हें”*
एक अउ अहम मांग रखे गीस—
खातेदार के नाती-पोता अऊ पोती मन ला घलो पहले जइसने निःशुल्क शिक्षा दी जाए।
बाबू भैया बताइन—
“जब स्कूल चालू होइस,
तब बहुते खातेदार के बच्चा दसवीं तक पढ़ चुके रहिन,
आज ओ मन के अगली पीढ़ी स्कूल के दरवाजा तक नई पहुंच पावत हवय,
ये अन्याय नई त का हे?”
🩺 “बीमारी मं इलाज बर भटकत विस्थापित आऊ गरीब परिवार”
द्रोपती दीदी कलेक्ट्रेट कार्यालय मं MB Power के अंदर संचालित OHC (ऑक्यूपेशनल हेल्थ सेंटर) मं जरूरी मेडिकल सुविधा के मांग रखिन—
🧪 पैथोलॉजी जांच
🤰 प्रसूति गृह
🩻 अल्ट्रासोनोग्राफी (सोनोग्राफी) मशीन
द्रोपती दीदी कहिन—
“आज गरीब आदमी बर सोनोग्राफी कराना मतलब
पूरा दिन भटकना,
किराया देना,
जांच के पैसा जोड़ना —
तब जाके कहीं जांच होथे।”
डॉक्टर मन पहिली ब्लड जांच लिख देथें,
लेकिन बहुते परिवार अइसन हें
जेन आज घलो गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीयत हें,
जेन बर ये सब कराना आसान नई हे।
🏚️ “आज घलो पिछड़ा क्षेत्र, शिक्षा अऊ स्वास्थ्य के भारी कमी”
ये इलाका आज घलो—
शिक्षा मं पिछड़ा
स्वास्थ्य सुविधा मं कमजोर
रोजगार मं सीमित
अधिकांश लोग आज घलो अशिक्षित हें,
अऊ विस्थापन के बाद आय जइसने-तइसने चलत हवय।
कार्यालय मं कलेक्टर महोदय—
कंपनी प्रबंधन संग बैठक कर
शिक्षा अऊ स्वास्थ्य सुविधा बर
ठोस व्यवस्था बनाय के आश्वासन देइन।
ये खबर पढ़के गांव-गांव मं लोग कहत हें—
“बाबू भैया अऊ दीदी के मांग मं सच्चाई हे,
कम से कम कोई तो हे
जेन गरीब अऊ विस्थापित के बारे मं सोचत हे।”
जब विस्थापित परिवार बर
निःशुल्क शिक्षा अऊ सुलभ इलाज जइसन बुनियादी मांग उठे,
तब ये सिरिफ मांग नई,
ये भविष्य बचाय के लड़ाई हे।
अब देखे के बात ये हे कि—
कंपनी प्रबंधन अऊ प्रशासन कब तक ये आवाज सुनही?


