स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने पर कमिश्नर ने बिजुरी के चिकित्सा अधिकारी को किया निलंबित* *कलेक्टर के प्रतिवेदन पर हुई कार्यवाही*

Date:

Share post:

 

अनूपपुर, 05 सितम्बर 2025/शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के प्रतिवेदन पर स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने को गंभीरता से लेते हुए अनूपपुर जिले के बिजुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्यवाही ड्यूटी के दौरान अनुपस्थिति एवं समय पर उपचार उपलब्ध न कराने के कारण की गई है।

उल्लेखनीय है कि लोहसरा, उप तहसील बिजुरी निवासी 07 वर्षीय बालक सुफियान कुरैशी पुत्र नाकीम कुरैशी को 31 अगस्त 2025 की रात्रि लगभग 1:50 बजे सर्पदंश की आशंका के साथ परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुरी लेकर पहुँचे। रात्रिकालीन ड्यूटी में कार्यरत वार्ड बाय ने तत्काल डॉ. मनोज सिंह को फोन पर सूचना दी। डॉक्टर द्वारा बालक को निगरानी में रखने के निर्देश दिए गए, किंतु स्वयं अस्पताल नहीं पहुँचे। इस दौरान केवल सामान्य इंजेक्शन लगाए गए। बालक की स्थिति बिगड़ने पर परिजन सुबह लगभग 8:30 बजे पुनः अस्पताल पहुँचे, तब डॉक्टर सिंह ने उपचार प्रारंभ किया और एंटी वेनम इंजेक्शन दिया, लेकिन उपचार में हुई देरी के कारण बच्चे की स्थिति गंभीर हो गई। उसे जिला अस्पताल अनूपपुर के लिए रेफर किया गया, परंतु देरी होने के कारण बालक की मृत्यु हो गई।

इस घटना की जाँच अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा द्वारा की गई। प्रस्तुत प्रतिवेदन में पाया गया कि समय पर उचित उपचार न मिलने से बालक की मृत्यु हुई। कलेक्टर अनूपपुर द्वारा प्रकरण से संबंधित संपूर्ण प्रतिवेदन कमिश्नर शहडोल संभाग को भेजा गया। अवलोकन उपरांत यह स्पष्ट हुआ कि चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज सिंह ने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती है, जो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन एवं दण्डनीय कृत्य है।

अतः मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9(1)(क) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अनूपपुर नियत किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

*मानवीय संवेदना के तौर पर कलेक्टर ने मृतक के परिजनों को उपलब्ध कराई 50 हजार की आर्थिक सहायता राशि*

कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने मानवीय संवेदना के तौर पर उप तहसील बिजुरी के ग्राम लोहसरा के निवासी सर्पदंश इलाज के दौरान मृत 7 वर्षीय बालक सुफियान कुरैशी के परिजनों को प्रारंभिक आर्थिक सहायता के रूप में रेडक्रॉस समिति के माध्यम से से ₹50 हजार की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई है। कलेक्टर ने शासन से प्राप्त होने वाली आर्थिक सहायता राशि के संबंध में आवश्यक कार्यवाही किए जाने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया

Related articles

छत्तीसगढ़ में गहरा सकता है बिजली संकट

विद्युत संविदा कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, 22 जून से अनिश्चितकालीन 'काम बंद' आंदोलन का ऐलान कोरबा (विनोद साहू की...

मोजर बेयर पावर प्लांट में देवशरण का मौत

मामला मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में सबसे बड़े पॉवर प्लांट हिंदुस्तान जैतहरी कि हैं जहां पर जिम्मेदार...

आवाज उठी थी…अब असर दिख रहा है! गुरुजनों के सम्मान की लड़ाई—अब निर्णायक मोड़ पर-अंकित गौरहा….

शुभ संकेत/बिलासपुर :- शिक्षा विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले तीन महीनों से लगातार आवाज...

कोरबा पुलिस को बड़ी सफलता: CEIR पोर्टल से 75 गुम मोबाइल बरामद, फोन मालिकों को सौंपे…..

कोरबा पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से 75 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को...