अनूपपुर से बड़ी खबर: श्रम विभाग की जांच में कंपनी प्रबंधन पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सिद्ध

Date:

Share post:

 

अनूपपुर | जिले के जैतहरी स्थित एम.बी. पावर (म.प्र.) लिमिटेड में श्रमिकों के अधिकारों के हनन का मामला अब आधिकारिक जांच में उजागर हो गया है। श्रम पदाधिकारी, जिला अनूपपुर द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र में कंपनी प्रबंधन की कई गंभीर खामियां स्पष्ट रूप से सामने आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

 

*क्या-क्या अनियमितताएं पाई गईं:*

 

जांच में यह तथ्य सामने आया कि—

 

श्रमिकों को नियुक्ति पत्र (Joining Letter) नहीं दिया गया

 

श्रमिकों को मासिक वेतन पर्ची (Salary Slip) उपलब्ध नहीं कराई जाती है।

 

योग्यतानुसार नौकरी नहीं दिया गया।

 

ओवरटाइम से संबंधित रिकॉर्ड संधारित नहीं किया गया

 

वेतन पर्ची में एरियर्स और अन्य भुगतान स्पष्ट नहीं किए गए

 

 

*शिकायत से जांच तक का सफर*

 

यह पूरा मामला श्रमिक स्व. देवलाल प्रजापति की पत्नी श्री मति रामकली प्रजापति एवं रमेश प्रजापति द्वारा उठाया गया, जिन्होंने मई 2025 से लगातार प्रबंधन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने श्रम कार्यालय अनूपपुर, सहायक श्रमायुक्त कार्यालय शहडोल, श्रमायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई।

 

बताया जा रहा है कि प्रारंभिक स्तर पर प्रबंधन द्वारा मामले को टालने और अधिकारियों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया, लेकिन शिकायतकर्ता की निरंतर कोशिशों के चलते अंततः सच्चाई सामने आ गई।

 

*गेट पर रोकने और डराने के आरोप*

 

शिकायत में यह भी आरोप लगाए गए कि—

 

शिकायत करने वाले श्रमिकों को कंपनी गेट पर ही रोक दिया जाता था।

 

सुरक्षा गार्डों को मौखिक निर्देश देकर अंदर प्रवेश से रोका जाता था।

 

विरोध करने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती थी।

 

*अब क्या होगा आगे?*

 

श्रम विभाग ने कंपनी को 10 दिनों के भीतर जवाब और सुधारात्मक कार्रवाई प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अन्यथा कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

 

*बड़ा सवाल:*

 

क्या अनूपपुर की बड़ी कंपनियों में श्रमिकों के अधिकारों का इसी तरह हनन होता रहेगा?

या यह कार्रवाई एक मिसाल बनेगी?

 

यह मामला न केवल श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि यदि कोई व्यक्ति अपने हक के लिए डटा रहे, तो बड़ी से बड़ी व्यवस्था को भी जवाब देना पड़ता है।

 

हेमंत सिंह ..

Related articles

बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने उपजेल सक्ती का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की

  माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (सि) क्र.- 1404/2023 सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य में...

उप मुख्यमंत्री अरुण साव की संवेदनशीलता से दिव्यांग कपिल के चेहरे पर लौटी मुस्कान

डोंगानाला जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन पर हुई त्वरित कार्रवाई, मौके पर मिला ट्राइसाइकिल कोरबा -: सुशासन तिहार 2026...

कार्यालयों के चक्कर नहीं, अब गांव में ही समस्याओं का निराकरण – उपमुख्यमंत्री अरुण साव

उपमुख्यमंत्री साव के आतिथ्य में डोंगा नाला में जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन 159 करोड़ से अधिक राशि...

स्थानीय प्रशासन के साथ जिला प्रशासन भी नतमस्तक हिंदुस्तान पॉवर के भ्रष्टाचार के सामने

अनुपपुर स्थानीय प्रशासन के साथ जिला प्रशासन भी नतमस्तक हिंदुस्तान पॉवर के भ्रष्टाचार के सामने कहावत तो आप सभी...