- पुनर्वास समझौते की शर्तों का उल्लंघ

स्थानीय प्रशासन, श्रम विभाग और औद्योगिक निरीक्षकों से कंपनी प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की अपील
अनूपपुर/मध्यप्रदेश
जैतहरी क्षेत्र में स्थापित मोजर बेयर पावर (मध्यप्रदेश) लिमिटेड लहरपुर के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने अपने ही हस्ताक्षरित पुनर्वास समझौते और सरकारी नीतियों की खुली अवहेलना की है। प्रभावित खाता-धारक परिवार के सदस्य को उसकी शैक्षिक योग्यता और समझौते में दर्ज प्रावधानों के विपरीत “अकुशल श्रमिक” का कार्य थोपा गया है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने “जानबूझकर शोषण” की नीति अपनाई है। जबकि पुनर्वास नीति और लिखित अनुबंध में स्पष्ट उल्लेख है कि पात्र आश्रित को योग्यता-अनुसार रोजगार दिया जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों और श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि यह सिर्फ़ एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि “नजीर” (precedent) बन सकता है—जिससे भविष्य में अन्य प्रभावित परिवारों के अधिकार भी खतरे में पड़ेंगे।
प्रशासन पर सवाल
क्यों अब तक जिला प्रशासन (डीएम/एसडीएम), श्रम आयुक्त, औद्योगिक निरीक्षक और श्रम पदाधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया?
क्या औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर लागू श्रम कानूनों और पुनर्वास नीति को यूँ ही अनदेखा किया जा सकता है?
माँगें
1. कंपनी प्रबंधन पर तत्काल जाँच और दंडात्मक कार्रवाई।
2. पीड़ित परिवार को अनुबंध और योग्यता के अनुसार उचित पद और वेतनमान।
3. भविष्य में किसी भी प्रभावित परिवार के साथ ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए लिखित आश्वासन और निगरानी तंत्र।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे कानूनी लड़ाई का रास्ता अपनाएँगे।


