रामघाट में बजी भक्ति की धुनें, भक्ति में डूबा अमरकंटक का माहौल
नर्मदा जयंती पर देखने को मिला भक्ति और संस्कृति का अनोखा संगम
अनूपपुर 27 जनवरी 2026/ नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित रामघाट परिसर (उत्तर तट) में रविवार की शाम भक्तिगीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों का रंग जमा। भक्ति में रंगे इस कार्यक्रम में हर हर शंभू महादेवा की गूंज ने उपस्थित जनसैलाब को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर हर हर शंभू शिव महादेवा फेम मशहूर गायक अभिलिप्सा पांडा ने अपनी मधुर आवाज़ में भक्तिगीतों की अद्भुत प्रस्तुति दी। उन्होंने ‘बम बम बोल चले आएंगे त्रिपुरारी’, ‘महादेवा, महादेवा’, ‘मेरा भोला’, ‘शंभू की दीवानी’, ‘शिव कैलाशो के वासी’ और ‘शिव स्त्रोतम’ जैसे लोकप्रिय गीतों से रामघाट के वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गायक की प्रस्तुति में उपस्थित लोग न केवल मंत्रमुग्ध हुए, बल्कि कुछ ने भक्ति की धुन पर अपने पैरों को थिरकने से भी रोक नहीं पाया।
अमरकंटक में आयोजित इस सांस्कृतिक आयोजन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को न केवल भक्ति में डुबोया, बल्कि नर्मदा नदी के महत्व और उसके पावन स्मारकों के प्रति श्रद्धा और जागरूकता भी बढ़ाई। रामघाट के इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गायक अभिलिप्सा पांडा की सराहना करते हुए इसे यादगार अनुभव भी बताया। कार्यक्रम में हर हर शंभू शिव महादेवा फेम मशहूर गायक अभिलिप्सा पांडा को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
इस दौरान शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्राशी अग्रवाल, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती मिथलेश मरावी, पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष पुष्पराजगढ़ श्री हीरा सिंह श्याम, विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष श्री रामदास पुरी, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गणेश पाण्डेय, मुख्य नगरपालिका अधिकारी अमरकंटक श्री चैन सिंह परस्ते, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री उमेश पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पत्रकार, अमरकंटक स्थित आश्रमों के साधु-संत, पुजारी, जिले के अन्य अंचलों से पधारे श्रृद्धालु तथा बड़ी संख्या में जन समुदाय उपस्थित थे।



