शुभ संकेत/छत्तीसगढ़:-भारत सरकार के ‘टीबी-मुक्त भारत’ संकल्प को सशक्त करते हुए, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर ने निक्षय पोषण मित्र अभियान के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल के माध्यम से संस्थान ने 500 क्षय रोग (टीबी) रोगियों को खाद्य पैकेट (पोषण किट) वितरित किए। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL), भिलाई के बहुमूल्य सहयोग से संपन्न हुआ, जो कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के बीच एक अनुकरणीय समन्वय को दर्शाता है।
कार्यक्रम का गरिमामयी संचालन एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर सेल (SAIL) भिलाई के कार्यकारी निदेशक श्री अजय कुमार चक्रवर्ती, एम्स की डीन (अकादमिक) डॉ. एली मोहापात्रा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु राजगुरु, उप निदेशक (प्रशासन) लेफ्टिनेंट कर्नल धारवीर सिंह और जेडटीएफ अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार बेहेरा सहित फुफ्फुसीय चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ विशेष रूप से उपस्थित रहे।

संबोधन के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल अशोक कुमार जिंदल ने इस बात पर जोर दिया कि टीबी के सफल उपचार के लिए दवाओं के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाला पोषण अनिवार्य है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों की प्राप्ति में SAIL भिलाई की प्रतिबद्धता की सराहना की। वहीं, श्री अजय कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि उद्योगों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच ऐसी साझेदारी सामुदायिक स्वास्थ्य के परिणामों को बेहतर बनाने और देश को टीबी मुक्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत संचालित निक्षय पोषण मित्र अभियान का मुख्य उद्देश्य कुपोषण की चुनौती से लड़ना है, जो अक्सर टीबी उपचार में देरी या विफलता का कारण बनता है। यह ढांचा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों और संस्थानों को एक मंच पर लाता है ताकि रोगियों को न केवल पोषण बल्कि मनोसामाजिक सहयोग भी मिल सके। कार्यक्रम के अंत में लाभार्थियों ने इस समयबद्ध सहायता के लिए एम्स प्रशासन और सेल भिलाई के प्रति आभार व्यक्त किया।


