कटघोरा। कटघोरा वनमंडल में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते कुछ दिनों से अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय झुंडों ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। पसान रेंज के जल्के सर्किल से सक्रिय 10 हाथियों का दल केंदई रेंज अंतर्गत सिरमिना सर्किल के दर्रीपारा गांव तक पहुंच गया। वहीं, सीपत क्षेत्र में हाथियों के एक बड़े दल ने मकान तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया।
ग्रामीणों ने बताया कि दर्रीपारा में सोमवार सुबह हाथियों को जंगल में विचरण करते देखा गया। इससे पहले यह झुंड मांझापारा पहुंचा था, जहां फसलों को रौंदकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया। आधी रात तक उत्पात मचाने के बाद हाथी सुबह होने से पहले जंगल की ओर बढ़े और केंदई रेंज में डेरा डाल दिया।
इसी बीच सीपत क्षेत्र के मरकाम परिवार का मकान हाथियों ने पूरी तरह तोड़ डाला। खेत-खलिहान रौंदने से लेकर घरों तक को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। पनगवा, पाली, दर्री, सीपत और पिपरिया के जंगलों में इस समय करीब 45 हाथियों का दल सक्रिय है। इन हाथियों ने धान और मक्का जैसी फसलों को चौपट कर दिया है।
वन विभाग को आशंका है कि दर्रीपारा पहुंचे 10 हाथी आगे साल्हीपहाड़ की ओर बढ़कर वहां पहले से मौजूद 44 हाथियों के बड़े दल में शामिल हो सकते हैं। इससे झुंड की संख्या और भी बढ़ जाएगी। तीन दिन पहले यही हाथी साल्हीपहाड़ में एक साथ विचरण करते देखे गए थे, लेकिन बाद में 10 हाथी अलग होकर पसान की ओर निकल गए थे।
ग्रामीण लगातार इन्हें खदेड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर रात हाथियों का आतंक लौट आता है। वन विभाग की टीमें चौकसी बरत रही हैं और लगातार निगरानी में जुटी हुई हैं, ताकि जनहानि न हो।


