कलेक्टर एवं जिलादंडाधिकारी श्री हर्षल पंचोली जी की तत्परता से पुनः जगी उम्मीद — पुनर्वास प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान हेतु निर्देश जारी

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अनूपपुर।
हिंदुस्तान पावर ग्रुप की इकाई मोजर बेयर पावर (मध्यप्रदेश) लिमिटेड, लहरपुर-जैतहरी से प्रथम एवं द्वितीय चरण में प्रभावित खातेदारों के परिवारों की पुनर्वास एवं रोजगार संबंधी गंभीर समस्याओं को लेकर किसान, सामाजिक कार्यकर्ता श्री बबलू राठौर द्वारा पुनः जिला प्रशासन को अवगत कराया गया।

श्री राठौर ने जिला कलेक्टर एवं जिलादंडाधिकारी श्री हर्षल पंचोली जी से भेंट कर
प्रभावित ग्रामों में पूर्व की भांति पुनर्वास शिविर (कैम्प) लगाने का अनुरोध किया था,
जिससे विस्थापित परिवारों को रोजगार, मुआवजा, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि से जुड़ी लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान मिल सके।

🔸 कलेक्टर का त्वरित संज्ञान — दिया सख्त निर्देश

सामाजिक कार्यकर्ता श्री राठौर द्वारा उठाए गए मुद्दों को कलेक्टर श्री पंचोली ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्यवाही का आश्वासन दिया और स्वयं प्लांट स्थल का औचक निरीक्षण किया गया था।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि —

> “प्रत्येक प्रभावित परिवार की समस्या का समाधान अनिवार्य रूप से किया जाए
और हर माह प्रभावित ग्रामों में पुनर्वास शिविर आयोजित कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।”

 

🔸 प्रबंधन की लापरवाही पर नाराज़गी, कड़े शब्दों में फटकार

जब कंपनी प्रबंधन द्वारा उचित जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई,
तो कलेक्टर श्री पंचोली ने कड़े शब्दों में नाराज़गी व्यक्त की।
उन्होंने लिखित व मौखिक दोनों रूप में निर्देश करते हुए आदेश जारी किए कि प्रबंधन
समस्या समाधान की रूपरेखा प्रस्तुत करे और शीघ्र अमल करे।

प्रबंधन की ओर से उपस्थित अधिकृत प्रतिनिधि ने समय मांगा,
जिस पर कलेक्टर महोदय ने एक अंतिम अवसर प्रदान करते हुए
लिखित आदेश जारी किया कि —

> “प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु प्रत्येक माह कैंप लगाना अनिवार्य होगा।”

 

🔹 आशा की नई किरण — प्रभावित परिवारों में खुशी की लहर

इस निर्णय की जानकारी बी – विकेस के सदस्य श्री रामप्रसाद राठौर,
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार श्री महेश प्रजापति (‘समय की पुकार’)
द्वारा दी गई।

सूचना मिलते ही प्रभावित गाँवों — लहरपुर (मुर्रा), जैतहरी, अमगवां, गुवारी, क्योंटार, रोहिलकछार, पडौर, धुरवासिन एवं अन्य ग्रामों के सदस्यों में
खुशी और उम्मीद की नई लहर दौड़ पड़ी।
लोगों में यह विश्वास पुनः जाग उठा है कि
अब उनकी आवाज़ प्रशासन तक पहुँची है और समाधान निश्चित होगा।

🔸 सामाजिक कार्यकर्ता, किसान श्री बबलू राठौर का कहना है —

> “यह लड़ाई केवल अधिकार की नहीं, बल्कि न्याय की है।
हर प्रभावित परिवार को उसका हक मिलकर रहेगा।
जब तक अंतिम व्यक्ति का पुनर्वास नहीं हो जाता,
तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।”

 

🔹 आगामी कैंप की तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी

कलेक्टर के निर्देशानुसार, कंपनी प्रबंधन को
प्रत्येक माह प्रभावित ग्रामों में कैंप आयोजित करने का आदेश दिया गया है।
अगले शिविर की तिथि प्रशासन द्वारा शीघ्र घोषित की जाएगी।

🕊️ “शुभ संकेत” का संदेश:

> जब प्रशासन जागता है, तो जन-आवाज को न्याय मिलता है।
प्रभावित परिवारों के अधिकार और सम्मान की यह जंग अब निर्णायक मोड़ पर है।

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