
सक्ती।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा किसानों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में 29 जनवरी 2026 को प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में सक्ती जिले में कचहरी चौक पर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान एवं पार्टी कार्यकर्ता शामिल हु
धरने को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी सक्ती के जिला अध्यक्ष ईश्वर साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार एक के बाद एक ऐसे षड्यंत्र रच रही है, जिससे अन्नदाता किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहा है। सरकार ने धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन कई जगहों पर 17, 18 और कुछ केंद्रों में तो 25 नवंबर से खरीदी शुरू की गई। अब सरकार 31 जनवरी तक धान खरीदी का वादा कर 29 जनवरी को ही खरीदी बंद कर रही है, जो सरकार की कथनी-करनी में अंतर को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि साजिश के तहत लाखों छोटे किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराया जा रहा है। आज भी अनेक किसानों को न ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन टोकन मिला है। छोटे किसानों को एक, मध्यम किसानों को दो और बड़े किसानों को तीन टोकन दिए गए, फिर भी किसान अपनी पूरी उपज नहीं बेच पा रहे हैं। इस वर्ष खरीदी केंद्रों की प्रतिदिन की लिमिट भी कम कर दी गई, जिससे किसान घंटों लाइन में खड़े रहकर परेशान होते रहे।
धरने में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि टोकन जारी करने से पहले पटवारी, आरआई और तहसीलदार किसानों के घर जाकर भौतिक सत्यापन कर धान की जांच कर रहे हैं, जिससे किसानों का अपमान हो रहा है। धान की बोवाई से लेकर आज तक किसानों को कभी बीज, कभी खाद की कमी झेलनी पड़ी। एग्री-स्टेक में खराबी का बहाना बनाकर पहले ही लाखों किसानों का रकबा काट दिया गया। इससे साफ है कि सरकार की मंशा धान खरीदने की नहीं है।
आम आदमी पार्टी नेताओं ने कहा कि अब तक प्रदेश के लगभग 15 प्रतिशत किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं। जिन किसानों ने कर्ज लिया है, वे उसे चुकाने में असमर्थ हैं, जिसके चलते किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी विष्णुदेव साय सरकार की है।
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जांजगीर-चांपा लोकसभा प्रभारी प्रियंका शुक्ला ने कहा कि मंत्रिमंडल का हर मंत्री किसान परिवार से आता है, फिर भी किसानों की अनदेखी क्यों की जा रही है, यह बड़ा सवाल है। किसानों की हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार धान खरीदी में पूरी तरह विफल साबित हुई है। सरकारी समितियों में भ्रष्टाचार चरम पर है, लाखों क्विंटल धान चूहों द्वारा खा जाने का बहाना बनाकर जनता के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है, लेकिन आज तक किसी अधिकारी पर एफआईआर नहीं हुई।
धरने के माध्यम से आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग की कि जबरन रकबा समर्पण कराना तुरंत बंद किया जाए, टोकन के नाम पर किसानों का भौतिक सत्यापन कर अपमान करना बंद किया जाए, सभी किसानों को समुचित टोकन उपलब्ध कराया जाए तथा धान खरीदी की अवधि 28 फरवरी तक बढ़ाई जाए, ताकि किसान अपनी पूरी फसल बेच सके।
धरना-प्रदर्शन में लोकसभा उपाध्यक्ष टिकेश्वर चंद्रा, जिला अध्यक्ष ईश्वर साहू, जिला उपाध्यक्ष रोहित यादव, अमर सिंह, जिला सचिव मन्नू महंत, यूथ विंग अध्यक्ष अजय मनहर, महिला विंग अध्यक्ष बसंती खांडे, जिला उपाध्यक्ष अशोक खांडे, दिलेश्वर यादव, लवीश धीरहे, कोमल प्रसाद, निरंजन, तेजबहादुर, अरविंद सतनामी, राणा प्रताप, शांति सोनवानी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


