कोरबा:-भू विस्थापितों की मांगों को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन नहीं गंभीर,नौकरी, मुआवजा की मांग को लेकर 7वें दिन भी जारी रहा धरना प्रदर्शन

Date:

Share post:

शुभ संकेत/कोरबा:-एनटीपीसी प्रभावित विस्थापित नौकरी और मुआवजा की मांग लेकर आईटीआई तानसेन चौक में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

सातवें दिन भी उनका आंदोलन जारी रहा। नौकरी, बचे जमीन की मुआवजा व क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर ग्राम चारपारा के 6 भू-विस्थापित राजन पटेल, विनय कुमार कैवर्त, रामकृष्ण केवट, गणेश कुमार केवट, राकेश कुमार केवट, घसिया राम केवट अपने परिवार के सदस्यों के साथ 22 अप्रैल से अनिश्चितकालीन आंदोलन में डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आंदोलन के 1 सप्ताह बाद भी एनटीपीसी प्रबंधन गंभीर नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके द्वारा सन् 1979 में आम सूचना जारी कर कहा गया था कि राष्ट्रीय विद्युत ताप परियोजना निगम ने स्वीकार किया है कि प्रत्येक परिवार में एक व्यक्ति को जिनकी भूमि परियोजना हेतु अधिग्रहित की गई है क्रमिक रूप से शैक्षणिक व अन्य योग्यताओं के आधार पर रोजगार प्रदान किया जाएगा। परियोजना का निर्माण कार्य जैसे जैसे बढ़ता जाएगा रोजगार के अवसर भी बढ़ते जाएंगे। इसके अनुसार उन्हें क्रमिक रूप से रोजगार प्रदान किया जाएगा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि चारपारा के लगभग 300 परिवार में से अब तक मात्र 38 लोगों को ही नौकरी दी गई है। अंतिम में 5 लोगों को सन् 2000 में नौकरी दिया गया है। जमीन दिये आज लगभग 44 वर्ष हो रहा है। इसके बाद भी परिवार के किसी एक सदस्य को खाते अनुसार एनटीपीसी कोरबा में नौकरी नहीं दी गई है। परियोजना का निर्माण कार्य करते हुए 2009 तक 2100 मेगावाट था और सन् 2010 में 500 मेगावाट निर्माण किया गया। जिसे मिलाकर अब तक 2600 मेगावट तक बना चुके है। प्लांट का विस्तार हो गया है परन्तु भूविस्थापितों को नौकरी नही दिया गया। प्रभावितों ने कहा कि जब से प्लांट की शुरूवात की गई उस समय 2000 से अधिक कर्मचारी थे। 2011 आते तक लगभग 1700 कर्मचारी और आज 2023 में लगभग 650 कर्मचारी हो गये हैं। कर्मचारी की संख्या कम होती गई परन्तु भूविस्थापितों द्वारा नौकरी की मांग किये जाने पर रिक्तियां नहीं है कहा जाता है। सीपत व अन्य एनटीपीसी भूविस्थापितों को एनटीपीसी कोरबा में ट्रेनिंग कराने के नाम से नौकरी दिया जा रहा है। उनका कहना है कि इसी प्रकार बचे जमीन को अधिग्रहण के समय से भूविस्थापितों को बिना जानकारी दिये उपयोग किया गया है। प्रभावितों का कहना है कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Related articles

सीटू ने किया कलेक्टर अनूपपुर से ओवरलोडिंग एवं दिन में परिवहन पर रोक लगाए जाने की मांग।

जैतहरी/अनूपपुर ,सीटू ने किया कलेक्टर अनूपपुर से ओवरलोडिंग एवं दिन में परिवहन पर रोक लगाए जाने की मांग। मोजर...

अनूपपुर, दिल्ली में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी)का जन आक्रोश रैली, मोदी सरकार पर तीखा हमला । ।

अनूपपुर, भारत के कोने कोने से आए दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित माकपा की जन आक्रोश रैली में...

रिपब्लिकन पार्टी को मिली राष्ट्रीय मान्यता, चार राज्यों में विधानसभा चुनाव में करेंगे उम्मीदवार- केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले*

97% * रिपब्लिकन पार्टी को मिली राष्ट्रीय मान्यता, चार राज्यों में विधानसभा चुनाव में करेंगे उम्मीदवार- केंद्रीय राज्यमंत्री...

आज रामदास आठवले संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सदिच्छा भेंट की और तीसरी बार राज्यसभा सदस्य केंद्रीय मंत्री के रूप में...

दिलली संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से सदिच्छा भेंट की और तीसरी बार राज्यसभा सदस्य व...