कोरबा स्वास्थ्य विभाग का एनटीपीसी के अस्पताल पर कार्रवाई, लगाया 20 हजार का जुर्माना

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देश की सार्वजनिक क्षेत्र के महारत्न कंपनी एनटीपीसी का कोरबा जिले के जमनीपाली में 2600 वाट का पावर प्लांट संचालित है। जहां एनटीपीसी की कॉलोनी है। यहीं कंपनी का विभागीय अस्पताल भी स्थापित किया गया है। इस अस्पताल पर जिले के स्वास्थ्य विभाग ने अग्निशमन के उपयुक्त इंतजाम नहीं होने के कारण 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

कोरबा:-एनटीपीसी टाउनशिप जमनीपाली में एनटीपीसी के विभागीय अस्पताल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ राकेश अग्रवाल व उनकी टीम ने किया था। इस दौरान कोरबा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पाया कि अस्पताल में अग्निशमन मतलब आग बुझाने तक के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने एनटीपीसी के अस्पताल पर 20 हजार रुपयों का जुर्माना लगाया है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने किया गया निरीक्षण: कोरबा कलेक्टर संजीव कुमार झा ने जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। इसी के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसएन केसरी के आदेश पर नोडल अधिकारी और डीएमओ द्वारा एनटीपीसी चिकित्सालय जमनीपाली का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अग्नि से सुरक्षा के उपाय संबंधी प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण 20 हजार का जुर्माना लगाया गया है।

लापरवाही पाए जाने पर लगाया गया जुर्माना: सीएमएचओ डॉ केशरी ने बताया की “अस्पतालों में नर्सिंग होम एक्ट के तहत अग्नि सुरक्षा व जैव अपशिष्ट प्रबंध प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहना चाहिए। लेकिन एनटीपीसी के अस्पताल में अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था। इसके पूर्व में भी समय-समय पर बैठकों और पत्रों के माध्यम से अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र को एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन एनटीपीसी अस्पताल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है. उपरोक्त यथा निर्धारित शर्तो को पूरा नहीं करने पर कलेक्टर के अनुमोदन उपरांत एनटीपीसी चिकित्सालय जमनीपाली पर रूपये 20 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है ।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर लगातार सवालिया निशान: एनटीपीसी जैसे सार्वजनिक उपक्रम देशभर में बिजली सप्लाई करते हैं। कोरबा जिले में 2600 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। सीएसआर मद से उपक्रम समाज में ढेर सारे काम करने का दावा भी करते हैं। लेकिन स्वास्थ विभाग के निरीक्षण से बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। सीएमएचओ ने बताया कि नर्सिंग होम एक्ट के तहत नर्सिंग होम, निजी चिकित्सालय, क्लीनिक, पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी लैब इत्यादि हेतु अग्नि सुरक्षा व जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन प्रमाण पत्र अनिवार्य है. कमी मिलती है तो उक्त संस्थान का लाईसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।

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