गुजरात:-गुजरात के मोरबी जिले में रविवार को हुए दर्दनाक हादसे में सैकड़ों लोगों की जान चली गई। इस हादसे में कई परिवार के सभी सदस्यों की मौत हो गई, तो कई लोगों के सर से साया हट गया।इसी हादसे में गुजरात के जडेजा परिवार भी शामिल हैं, जिस परिवार के सात सदस्यों की मौत एक साथ हो गई। जडेजा परिवार के सात सदस्य रविवार को मोरबी के एक मंदिर से लौट रहे थे। लौटने के वक्त बच्चों ने केबल ब्रिज पर जाने की बात कही, जिसके बाद वे लोग पुल पर गए और इस इस हादसे का शिकार हो गए।
मरम्मत कार्य के बाद हाल ही में खोला गया था पुल
बता दें कि मोरबी में केबल ब्रिज को मरम्मत कार्य के बाद हाल ही में खोला गया था, जो काफी साल पुराना पुल है। यह पुल यहां एक स्थानीय पर्यटक आकर्षण के तौर पर प्रसिद्ध है। रविवार शाम करीब 6.20 बजे सैकड़ों लोग जब पुल पर मौजूद थे, तभी अचानक से पुल टूट गया और सैकड़ों लोग नदी में डूब गए। लोगों की खिल खिलाहट देखते ही देखते चीख-पुकार में तब्दील हो गया। जडेजा परिवार के एक रिश्तेदार और एक पारिवारिक मित्र ने बताया कि दुर्घटना में मारे गए कम से कम 134 लोगों में जडेजा परिवार भी शामिल थे।
हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत
जडेजा परिवार के रिश्तेदारों ने बताया, ‘जब वे लोग पुल पर मौजूद थे, तभी पुल नदी में गिर गया और उनके परिवार के तीन महिलाएं सहित चार बच्चों की मौत हो गई।’ उन्होंने बताया कि जब मृतक महिला के छोटे बेटे रात में करीब आठ बजे घर लौटा तो, दरवाजा बंद था। इसके बाद उसने परिवार के सदस्यों को फोन किया, लेकिन किसी से संपर्क नहीं हो सका। तभी उन्हें मोरबी में पुल गिरने के बारे में बता चला, जिसपर उनके परिवार के सात सदस्य मौजूद थे और सभी की मौत हो चुकी थी।
वर्ष 1877 में बना था ऐतिहासिक केबल ब्रिज
बता दें कि इस पुल का निर्माण वर्ष 1877 में हुआ था। इस ऐतिहासिक स्थल पर जाने के लिए रविवार को करीब 400 लोगों ने मच्छू नदी पर बने केबल ब्रिज पर जाने के लिए टिकट खरीदे थे। नगर निगम के अधिकारी संदीप सिंह जाला ने कहा कि इस पुल की देख रेख करने वाली कंपनी ओरेवा ने स्थानीय अधिकारियों को 233 मीटर लंबे पुल को फिर से खोलने के बारे में सूचित नहीं किया था और ऐसा करने के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था। मालूम हो कि इस हादसे के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और जांच चल रही है।


