
सक्ती। जिले के भोथीया तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सेंदुरस में जमीन विवाद को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित किसान परिवार के द्वारा अपनी निजी भूमि पर अवैध कब्जा और प्रशासनिक उदासीनता का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका के नाम ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
मामले के अनुसार, खसरा नंबर 545, रकबा 0.028 हेक्टेयर भूमि पर पुनीराम साहू, मनीराम साहू एवं यमुनाशंकर साहू द्वारा कथित रूप से बलपूर्वक कब्जा कर लिया गया है। पीड़ित का आरोप है कि संबंधित कब्जाधारी अपने हिस्से की जमीन पहले ही अन्य को बेच चुके हैं, इसके बावजूद वे उनकी जमीन पर कब्जा जमाए हुए हैं।
इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि पुनीराम साहू और रत्ना वैष्णव द्वारा उनके भूमि के सामने का रास्ता बंद कर दिया गया है। रत्ना वैष्णव द्वारा उक्त रास्ते पर स्थायी रूप से मकान निर्माण करने की कोशिश की गई, जिसे रोकने के लिए पीड़ित परिवार ने तहसील कार्यालय में लिखित आवेदन दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित किसान का कहना है कि उन्होंने भोथीया तहसीलदार सिद्धार्थ अनंत के समक्ष वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत किए, इसके बावजूद न तो अवैध कब्जा हटवाया गया और न ही निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई। उन्होंने तहसीलदार पर आरोप लगाया कि वे कब्जाधारियों का पक्ष ले रहे हैं और अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
मामले से आक्रोशित पीड़ित परिवार ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कावेरी मरकाम के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, जमीन को मुक्त कराकर वापस दिलाने तथा तहसीलदार सिद्धार्थ अनंत और पटवारी संजय लहरे के खिलाफ सेवा समाप्ति सहित सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
पीड़ित पीड़ित परिवार ने राज्यपाल को मामले में हस्तक्षेप कर शीघ्र न्याय दिलाने की मांग किया है।


