शासन के पैसों के दुरुपयोग,ख़राब क्वालिटी के निर्माण कार्यों की जाँच का है
पार्षद तेजप्रताप सिंह,बाल्की कुजूर,आशा साहू,संदीप डहरिया,तालिका साहू
बाकी मोगरा -: नगर पालिका परिषद बाँकी मोंगरा में वर्तमान में जो लेटर खेला जा रहा है इसकी बजाए जॉच करवाये अगर नेता प्रतिपक्ष के आरोप ग़लत है तो टेंडर का डेट और खोलने का डेट सार्वजनिक कर दे इसके अलावा हमने ख़ुद अपने वार्ड के निर्माण कार्य ख़राब होने की शिकायत कर रखा है परंतु पालिका शासन प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया और तो और बिल तक जारी कर दिया गया इसके अलावा बिना कोई कारण बताए हमेशा टेंडर खोलने का दिनाक बढ़ा दिया जाता है इसी तरीक़े से नियम का पालन किया जा रहा है इसके अलावा प्रमोद सोना जो नेता प्रतिपक्ष को अपराधी प्रवृति का कह रहे है उनको जानकारी के लिये बता दु की यह देश संविधान से चलता है न की बीजेपी के बनाये नियम से,इसके अलावा फर्जी जाती प्रमाण-पत्र के सहारे चुनाव लड़ने का आरोप को पहले सिद्ध कर ले उसके बाद दूसरे के ऊपर आरोप लगाये एव हमारी सलाह है पहले जानकारी दूरस्थ कर ले फिर आकर भ्रम फैलाए इसके अलावा ये कौन से विकास की बात कर रहे है जो केवल 3 महीने चल पा रहा है इस पत्र में हस्ताक्षर करने वाले दिव्या ने कुछ दिन पहले ही जब बिलासपुर से अधिकारी आय थे तो उसके वार्ड के ख़राब सड़क को लेकर शिकायत दर्ज करवा रही थी,इसके अलावा प्रमोद सोना से भी निवेदन है कि चौपाटी की उखड़ती सड़क को भी देख ले और विकास देखना है तो चण्डी मंदिर के पास भी सड़क बना है वह भी देख ले और तो और पार्षद इंद्रदीप भी देख ले की 4 नंबर खदान पास से लेकर पुरेना तक की सड़क स्थिति नया बनने के नाम पर गड्ढों का रिपेयरिंग हुआ है कुल मिलाकर भगवान भरोसे चल रही नगर पालिका है हम पार्षदों को 4 लेटर बुक दिये है जिसमें केवल लिखो और शिकायत करो होना कुछ नहीं है।
एव नगर पालिका अगर इतना ही साफ़ सुथरा है तो पिछले डेढ़ वर्षों में हुए समस्त विकास कार्यों की गुणवत्ता की तीसरे एजेंसी से जाँच करवाये एव जाँच प्रक्रिया की वीडियोग्राफ़ी करवाई जाए जनप्रतिनिधियों के समक्ष जिससे प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष रहे और साथ में आज दिनाक तक जीतने भी कार्यों का टेंडर जारी किया गया उसकी आज दिनाक तक भौतिक स्थिति क्या है अगर कार्य पूर्ण नहीं हुआ है तो क्यों नहीं हुआ है इसकी ज़िम्मेदारी जिसकी भी व्यक्ति की होती है उसके ऊपर कार्यवाही निष्पादित किया जाए।
ये जो भी पत्र व्यवहार हुए है वह दबाव की राजनीति को दर्शाते है,हमारे नेता प्रतिपक्ष की लड़ाई मनमर्ज़ी एव दबाव के राजनीति के ख़िलाफ़ है जिस वजह से विपक्षी पार्षदों को शासन का डर एव दबाव दिखा कर यह गंदा खेल खेला जा रहा है।


