लोकतंत्र को लहूलुहान करने और वंचितों को मताधिकार से वंचित करेगी एस आई आर : माकपा

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ग्वालियर l बिहार के बाद अब मध्यप्रदेश सहित 12 राज्यों एस आई आर कि घोषणा समाज के वंचित तबकों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और गरीबों को मताधिकार के अधिकार से वंचित कर, मनुवादी व्यवस्था को लागू करने की साजिश का हिस्सा है, जिसे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी अन्य वामपंथी, जनवदी, धर्मनिरपेक्ष दलों और सामाजिक समूहों के साथ मिलकर परास्त करने की लड़ाई लड़ेगी l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने ग्वालियर में पार्टी के जिला सचिव मंडल की बैठक को सम्बोधित करते हुए यह बात कही l माकपा नेता ने कहा कि चुनाव आयोग बिहार एस आई आर से सामने आये भयावह तथ्यों को छुपाने की कोशिश कर रहा है l बिहार में 18 साल से ऊपर की आबादी 8.22 करोड़ है, जबकि मतदाता सूची में सिर्फ 7.42 करोड़ मतदाता हैं l इससे साफ है कि 80 लाख बिहारी मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर दिया गया, जो कुल मतों का 10 फीसद है l यह इसलिए खतरनाक है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनावों में एन डी ए और महागठबंधन के मतों में सिर्फ 12678 मतों का मामूली अंतर था l
जसविंदर सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग,भाजपा और मोदी सरकार कह रही है कि एस आई आर घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए है l तो क्या बिहार में 80 लाख घुसपैठिए थे? तो भाजपा सरकार मे इतने घुसपैठिये कैसे घुस आए और अब वे कहां हैं?
जसविंदर सिंह ने कहा कि यह महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों को मताधिकार से वंचित करने की मनुवादी सोच का प्रतीक है l बिहार में लिंगानुपात एक हजार पुरुषों के मुकाबले 935 महिलाएं हैं l मगर मतदाता सूची में एक हजार पुरुषों के पीछे सिर्फ 892 महिला मतदाता हैं l इसका अर्थ यह है कि हजार पुरुषों के पीछे 43 महिलाएं मतधिकार से वंचित कर दिया गया है l
माकपा नेता ने कहा कि बिहार में मुस्लिम अल्पसंख्यक आबादी 17.7 प्रतिशत है, लेकिन काटे गए मतदाताओं में 34 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं l इन तथ्यों से सरकार और चुनाव आयोग का मकसद आसानी से समझा जा सकता है l
जसविंदर सिंह ने कहा कि यदि बिहार जैसे राजनैतिक रूप से सजग राज्य में 10 फीसद मतदाता अपने बुनियादी अधिकार से वंचित कर दिए जाते हैं, मध्यप्रदेश में तो बड़े पैमाने पर दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश हो सकती है जिसका मुक़ाबला व्यापक और एकजुट प्रतिरोध और सजगता से ही हो सकता है l इस सम्बन्ध में 6 नवंबर को भोपाल में वामपंथी धरनिरपेक्ष दलों की बैठक भी आयोजित की गई है l
जीतेन्द्र आर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला सचिव एम के जयसवाल ने रिपोर्ट प्रस्तुत की l बैठक में जिला सचिव मंडल सदस्यों, भगवान दास सैनी, रामबाबू जाटव, श्याम यादव, प्रीती सिंह के अलावा राज्य सचिव मंडल सदस्य रामविलास गोस्वामी और अखिलेश यादव भी उपस्थित थे l

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