
अनूपपुर | जैतहरी
एमबी पावर लिमिटेड, जैतहरी द्वारा संचालित ताप विद्युत परियोजना एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। रेलवे लाइन साइडिंग, बैराज निर्माण, जल आपूर्ति हेतु डूब क्षेत्र तथा ऐश पाइप लाइन निर्माण के लिए 12 वर्षों पहले जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उन्हें अब तक पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) से जुड़े वैधानिक लाभ नहीं दिए जाने का मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है।
इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जैतहरी ने 23 दिसंबर 2025 को एमबी पावर प्लांट के महाप्रबंधक को पत्र जारी कर 15 दिवस के भीतर तथ्यात्मक व बिंदुवार जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
भूमि विस्थापित किसान कर्मचारी संघ जैतहरी के कार्यकारी अध्यक्ष बहन द्रोपती जी द्वारा दिनांक 20 दिसंबर 2025 को जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत अमगवा में हो रही जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में कहा गया है कि परियोजना के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित खातेदारों एवं उनके परिवारों को—
पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन
आजीविका एवं रोजगार
पेंशन संबंधी लाभ
स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाएं
अब तक नहीं दी गई हैं, जबकि यह सभी लाभ परियोजना की R&R नीति एवं शर्तिका के अंतर्गत अनिवार्य रूप से प्रदान किए जाने थे।
प्रशासन ने माना मामला गंभीर
SDM कार्यालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तुत आवेदन में उल्लिखित तथ्यों के संबंध में कंपनी को अधोहस्ताक्षरी के समक्ष 15 दिवस के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करना होगा, जिससे प्रकरण का निराकरण किया जा सके।
पत्र की प्रति भूमि विस्थापित किसान कर्मचारी संघ को भी भेजी गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रशासन ने शिकायत को औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया है।
उठते सवाल
क्या कंपनी ने R&R शर्तों का पालन किया?
यदि नहीं, तो क्या प्रभावितों को वर्षों से वंचित लाभ मिलेंगे?
क्या निजी कंपनी पर दंडात्मक कार्रवाई होगी?
अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और कंपनी के जवाब पर टिकी हैं।


