शुभ संकेत/कोरबा:-जिला मुख्यालय के समीपस्थ दर्री थाना क्षेत्र में ग्राम कुंमगरी इन दिनों रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन चरम पर है। रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे बिना किसी डर के दिन-दहाड़े नदियों का सीना चीरकर भारी मात्रा में रेत निकाल रहे हैं। शासन-प्रशासन की कथित अनदेखी के कारण क्षेत्र में खनिज संपदा की सरेआम लूट मची हुई है। आम जनता के जीवन से खिलवाड़ स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेत से लदे भारी वाहन और हाईवा रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों पर अत्यधिक तेज रफ्तार से दौड़ रहे हैं। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों के लिए सड़क पर चलना दूभर हो गया है। आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, लेकिन प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।
पर्यावरण को अपूरणीय क्षति नदी तटों से अनियंत्रित तरीके से रेत निकालने के कारण जलस्तर गिर रहा है और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह नष्ट हो रहा है। पर्यावरण संरक्षण के नियमों को ताक पर रखकर माफिया अपना खजाना भरने में लगे हैं। प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका हैरानी की बात यह है कि दर्री पुलिस और राजस्व विभाग की नाक के नीचे यह पूरा काला खेल चल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की इस रहस्यमयी चुप्पी ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई और तेज रफ्तार वाहनों को नियंत्रित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रमुख बिंदु:
अवैध परिवहन: दिन-दहाड़े मुख्य सड़कों पर दौड़ रहे रेत से लदे तेज रफ्तार वाहन।
सुरक्षा का खतरा: बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़क पार करना हुआ जानलेवा।
पर्यावरण संकट: अवैध खनन से नदियों के अस्तित्व और पर्यावरण को भारी नुकसान।


