अनूपपुर/जैतहरी से विशेष रिपोर्ट
आईटीआई श्रमिकों के अधिकारों को लेकर चल रही लड़ाई अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। प्रभावित परिवार की प्रतिनिधि रामकली प्रजापति ने सभी श्रमिक साथियों से भावुक और मजबूत अपील की है कि वे आगे आएं और एम बी पावर मध्यप्रदेश लिमि0 लहरपुर जैतहरी के कंपनी प्रबंधन द्वारा की गई अवैध कटौती की राशि को वापस लेने के लिए एकजुट होकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएं।
रामकली प्रजापति ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति या परिवार की लड़ाई नहीं है, बल्कि सभी श्रमिकों के हक और अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि श्रमिक किसी भी हालत में कंपनी प्रबंधन के “बांटो और राज करो” की नीति में न आएं और न ही किसी प्रकार के दबाव या डर के आगे झुकें।
उन्होंने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उनके स्वर्गीय पति के मेहनत की कमाई का पैसा भी कंपनी प्रबंधन द्वारा काट लिया गया था, जो आज तक वापस नहीं किया गया।
न्याय के लिए उन्होंने उच्च न्यायालय और श्रम विभाग के आयुक्त तक गुहार लगाई, जिसका परिणाम अब सामने आने लगा है।
रामकली ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों से अनुरोध किया कि कार्यरत श्रमिकों पर किसी प्रकार का दबाव न बनाया जाए, इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन लगातार श्रमिकों पर मानसिक और प्रशासनिक दबाव बना रहा है। उन्हें अपने पक्ष में बोलने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
गौरतलब है कि सहायक श्रम आयुक्त द्वारा की गई जांच में भी यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि श्रमिकों के साथ किस प्रकार का शोषण किया जा रहा था—न तो समय पर <
>भुगतान, न ही पारदर्शिता, और ऊपर से दबाव की रणनीति।
अब जब श्रमिकों को उनका बकाया भुगतान देने की बात आई, तो कंपनी प्रबंधन द्वारा नई चालें चली जा रही हैं और श्रमिकों को उनके अधिकार से वंचित करने का प्रयास जारी है। लेकिन अब सच्चाई सामने आ चुकी है और श्रमिकों के पास एकजुट होकर अपने अधिकार लेने का सुनहरा अवसर है।
*अपील* :
रामकली प्रजापति ने सभी श्रमिक भाइयों और बहनों से आग्रह किया है—
“यह समय डरने का नहीं, बल्कि अपने हक के लिए खड़े होने का है। अगर हम आज एकजुट होंगे, तो कोई भी हमारा हक नहीं छीन सकता।”
यह खबर न केवल एक चेतावनी है, बल्कि एक जागरूकता का संदेश भी है—अब श्रमिकों को तय करना है कि वे दबाव में झुकेंगे या अपने अधिकार के लिए डटकर खड़े होंगे।


