बांकीमोंगरा(विनोद साहू की रिपोर्ट ) -: नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा द्वारा अतिक्रमण एवं बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा सभी अतिक्रमणों पर समान रूप से कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि कुछ लोगों को छोड़कर चुनिंदा दुकानों और मकानों पर ही बुलडोजर चलाया गया।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार हटरी क्षेत्र के पास रहने वाली लगभग 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला जानकी बाई केवट के छोटे से कमरे को तोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि यह कमरा लगभग 3 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा था। वहीं इसके ठीक बगल में स्थित लगभग 50 फीट लंबा और 30 फीट चौड़ा निर्माण कार्रवाई से अछूता रहा, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई।
नागरिकों का कहना है कि यदि नगर पालिका द्वारा बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही है तो वह बिना भेदभाव और एक समान होनी चाहिए। लोगों ने सवाल उठाया कि जिन लोगों की परिषद में पकड़ या प्रभाव है, उनके निर्माणों को क्यों नहीं हटाया गया।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किन मानकों के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी अवैध कब्जों पर समान रूप से कार्रवाई करने की मांग की है।
मुख्य सवाल
क्या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी पर समान रूप से लागू हुई?
बुजुर्ग महिला का छोटा कमरा तोड़ा गया, लेकिन बड़े निर्माण को क्यों छोड़ा गया?
क्या कार्रवाई में प्रभावशाली लोगों को राहत दी गई?
बांकीमोंगरा में बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल, चयनात्मक कार्रवाई का आरोप
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