शहडोल सोहागपुर एरीया के भूमिगत सुरंग! SECL बंगवार खदान में भीषण हादसा 3 के मौत

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​🚨 जिला ब्यूरो रोशन लाल नापित शहडोल जी एम सोहागपुर एरिया की बड़ी लापरवाही: धंसी कोयला खदान की छत, मलबे में दबे कई कर्मचारी, 3 की मौत की खबर!
​शहडोल। शहडोल संभाग से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और कलेजा कँपा देने वाली खबर सामने आ रही है। SECL सोहागपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बंगवार अंडरग्राउंड (भूमिगत) कोयला खदान में एक भीषण और दर्दनाक हादसा हो गया है। खदान के अंदर फ्रंट फेस पर काम चलने के दौरान अचानक ‘रूफ फाल’ (खदान की छत बैठना) हो गया, जिससे वहाँ काम कर रहे कई कर्मचारी मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए।
​📌 अब तक की बड़ी बातें (Key Highlights):
​भीषण हादसा: अंडरग्राउंड माइनिंग के दौरान अचानक भरभरा कर गिरी खदान की छत।
​मलबे का पहाड़: फ्रंट फेस पर पहाड़ नुमा भारी-भरकम मलबा गिरा, रेस्क्यू में लग सकते हैं 4 से 5 दिन।
​हताहतों की संख्या: प्राथमिक सूत्रों के अनुसार 3 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
​कई जिंदगी दांव पर: मलबे के नीचे अभी भी कई और श्रमिकों के दबे होने की पूर्ण आशंका।
​लापरवाही का खेल: सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखकर मजदूरों को मौत के कुएं में धकेलने का आरोप।
​⚠️ हाजिरी लिस्ट से खुलेगा राज: प्रबंधन की ‘गलाकाट’ प्रतियोगिता ने ली जान?
​गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा इतना खौफनाक है कि गिरे हुए पहाड़ नुमा मलबे को हटाने में ही कम से कम 4 से 5 दिन का लंबा समय लग सकता है। खदान के अंदर उस वक्त वास्तव में कितने मजदूर और कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे, इसका सटीक खुलासा अब कॉलरी की हाजिरी लिस्ट (Attendance Register) आने के बाद ही हो पाएगा।
​स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। आरोप है कि SECL प्रबंधन सिर्फ कोयला उत्पादन के चक्कर में अंधा हो चुका है और मजदूरों की जिंदगी की कीमत पर सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
​⚖️ सुलगते सवाल: सुरक्षा अधिकारी और प्रबंधक पर कब दर्ज होगा मुकदमा?
​शहडोल संभाग की इस सबसे बड़ी लापरवाही पर अब बड़े अधिकारियों को घेरने की तैयारी है। आक्रोशित लोगों और श्रमिक संगठनों की मांग है कि:
​सुरक्षा व्यवस्था के जिम्मेदार अधिकारी अमित सिंह के ऊपर तत्काल प्रभाव से बड़ी और दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
​खदान के मुख्य प्रबंधक (Manager) और खान प्रबंधक के खिलाफ लापरवाही से मौत का तत्काल मामला (FIR) पंजीबद्ध किया जाए।
​”क्या चंद टन कोयले की खातिर गरीब मजदूरों के खून से यूं ही होली खेली जाती रहेगी? इस खूनी खेल का असली जिम्मेदार कौन है?”

(लगातार अपडेट्स के लिए बने रहिए हमारे साथ…)

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