शुभ संकेत/जांजगीर-चांपा:-जिले की पुलिस ने अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए वारदात में शामिल गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला के 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसमें बाइक चोरी करने वाले चार और बाइक को खपाने वाले पांच आरोपित शामिल हैं।वहीं एक आरोपित पुरार है जिसकी तलाश में पुलिस लगी हुई है। आरोपित पुर्जी दस्तावेज तैयार करते थे और उसके माध्यम से बाइक की बिक्री करते थे। पांच महीने में ही आरोपितों ने जांजगीर चांपा, बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, रायगढ़, सक्ती और कवर्धा में बाइक चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपितों के कब्जे से पुलिस ने चोरी की 36 बाइक बरामद किया है।
मामले का पर्दापुाश करते हुए एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि चांपा रेलवे स्टेशन के पार्किंग में लगे सीसीटीवी पुूटेज में एक संदिग्ध् व्यक्ति बाइक को स्टेशन के पार्किग में खड़ी कर गया था। पुलिस को उसकी गतिविधि देखकर संदेह हुआ तब मुखबीर लगाया गया। दो दिन बाद जब वह युवक स्टेशन के पार्किंग में खड़ी बाइक को लेने आया तो पुलिस ने उसे धर दबोचा। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना नाम पता अजय कुमार प्रजापति उर्फ छोटू निवासी बस्ती बगरा थाना पेण्ड्रा बताया। उसने पुलिस को बताया कि दस बारह लोगों का उनका पूरा एक गैंग है जो बाइक चोरी और उसे बेचने का काम करते हैं।
इसके बाद एसपी विजय अग्रवाल ने एएसपी अनिल सोनी और एसडीओपी चंद्रशेखर परमा के निर्देशन में टीम तैयार की और आरोपितों को पकड़ने के निर्देश दिए। इस पर टीम के सदस्य सिविल डे्रस में पकड़े गए युवक अजय को साथ लेकर पेंड्रा पहुंची और ग्राम नेवसा निवासी मुख्य आरोपित दिनेश कुमार चक्रधारी उर्फ बेटु को पकड़कर पूछताछ की। इसके बाद टीम के सदस्यों ने एक – एक कर चार आरोपित और चेारी की बाइक को बेचने वाले पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया और पिुर सभी के निशानदेही पर चोरी की बाइक को बरामद किया गया। पुलिस ने 17 लाख 40 हजार रूपए की 36 बाइक बरामद की है जिसमें से 30 बाइक हीरो होंडा कंपनी की एचएपु डीलक्स माडल के हैं। ज्ञात हो कि दस साल पूर्व भी जिले की पुलिस ने बिर्रा के एक चोर गिरोह का पर्दापुाश करते हुए आरोपितों के कब्जे से 50 से अधिक बाइक जब्त की थी।
आरटीओ के साथ ही हीरो कंपनी का पुर्जी सील भी जब्त
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से बिलासपुर और गौरेला पेंड्रा मरवाही के जिला परिवहन अधिकारी की पुर्जी सील के साथ ही हीरो कंपनी का भी पुर्जी सील बरामद किया है। क्योंकि ये आरोपित दूसरे जिले की बाइक के नंबर प्लेट को बदलकर उसमें बिलासपुर और गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के सीरीज की नंबर अंकित करके बेचते थे। पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले चार और उसे खपाने वाले पांच सहित 9 आरोपितों के विरुद्ध धारा 41(1)(4) 379 के तहत् कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जबकि वारदात में शामिल बिलासपुर के रहने वाले एक आरोपित की तलाश पुलिस कर रही है।
ऐसे बनाई बाइक चोरी कर बेचने की योजना
एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि ग्राम नेवसा थाना गौरेला निवासी दिनेश कुमार चक्रधारी उर्फ बेटु मुख्य आरोपित है। पांच माह पूर्व उसने बिलासपुर के बाजार से एक बाइक चोरी की थी। चोरी करने के बाद उसने बाइक को एक व्यक्ति के पास बेच दिया। इस मामले में जब वह पकड़ा नहीं गया तो उसका हौसला बढ़ गया। इसके बाद उसने अपने तीन साथी अजय, शिवम और यशवंत को शामिल किया और कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में पिुर एक के बाद एक वारदात को अंजाम देते चला गया।
पांच महीने में ही की 36 बाइक की चोरी
गिरोह के सदस्य रात्रि में पेड्रा से एक बाइक में तीन सवारी निकलते थे, दो तीन स्थानों में चोरी की वारदात को अंजाम देते थे इसके बाद उस बाइक को रेलवे स्टेशन या पेट्रोल पंप के पास खड़ी कर देते थे पिुर दूसरे तीसरे दिन जाकर लाते थे। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के पास से 35 अलग-अलग बाइक की चाबी जब्त किया है जिसका प्रयोग करके बाइक चोरी करते थे। चोरी किए गए बाइक का फर्जी दस्तावेज तैयार कर गौरेला- पेण्ड्रा -मरवाही क्षेत्र में 30 से 35 हजार में बिक्री कर देते थे। जबकि एक बाइक को आरोपितों ने 55 हजार रूपए में बेचा था।
चोरी करने और बेचने में इनकी रही भूमिका
बाइक चोरी करने में मुख्य आरोपित दिनेश कुमार चक्रधारी उर्फ बेटु ग्राम नेवसा थाना गौरेला, अजय कुमार प्रजापति उर्फ छोटू बस्ती बगरा थाना पेण्ड्रा, शिवम प्रजापति उर्फ मिंटु सिंचाई नगर गौरेला थाना गौरेला, यशवंत कुमार पोर्ते रामगढ़ बस्ती थाना पेण्ड्रा जिला गौरेला पेण्ड्रा मरवाही की भूमिका थी। इसी तरह चोरी की बाइक को बेचने का काम आरोपित बजरंगी प्रजापति कोटमीकला, किशन कुमार रोहणी नेवसा, सीताराम प्रजापति बोकरामुड़ा, सुरेश कुमार रामगढ़ फुलवारी पारा और रामकुमार ग्राम लमना थाना पेण्ड्रा जिला गौरेला पेण्ड्रा मरवाही करते थे।
घर में तैयार करता था पुर्जी दस्तावेज
एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि मामले का मास्टरमाइंड दिनेश कुमार चक्रधारी बहुत ही शातिर दिमाग का है। उसके घर की तलाशी लेने पर चोरी की बाइक को बेचने के लिए फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड एवं दस्तावेज तैयार करने कंप्यूटर प्रिंटर एवं अन्य सामग्रियों के साथ – साथ बड़ी मात्रा में फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड एवं रजिस्ट्रेशन कार्ड बनाये जाने के लिए प्रयुक्त प्लास्टिक कार्डस मिले जिसे धारा 102 सीआरपीसी के तहत जब्त किया गया।
एसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि मामले का मास्टरमाइंड दिनेश कुमार चक्रधारी बहुत ही शातिर दिमाग का है। उसके घर की तलाशी लेने पर चोरी की बाइक को बेचने के लिए फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड एवं दस्तावेज तैयार करने कंप्यूटर प्रिंटर एवं अन्य सामग्रियों के साथ – साथ बड़ी मात्रा में फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड एवं रजिस्ट्रेशन कार्ड बनाये जाने के लिए प्रयुक्त प्लास्टिक कार्डस मिले जिसे धारा 102 सीआरपीसी के तहत जब्त किया गया।
नकली नोट बनाने का भी कर चुका है प्रयास
एसपी ने बताया कि मामले का मास्टरमाइंड दिनेश कुमार चक्रधारी कम्प्यूटर में डीसीए का कोर्स किया है। कम्प्यूटर में वह पुोटोशाप के माध्यम से पुर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड तैयार करता ही था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया है कि एक बार वह पोटोशाप के माध्यम से नकली नोट बनाने का प्रयास किया था। हालांकि उसने नकली नोट बनाकर बाजार में खपाया है या नहीं यह जांच का विषय है।
एसपी ने किया टीम को पुरस्कृत
अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को एसपी विजय अग्रवाल ने 5000 हजार रूपये नगद पुरूस्कार से पुरूस्कृत किया। साथ ही उचित पुरूस्कार के लिए प्रतिवेदन आईजी बिलासपुर को भेजा है। टीम में चांपा टीआई मनीष सिंह परिहार, एसआई सुरेश ध्रुव, पुष्पराज साहू, मुकेश पांडेय, रामप्रसाद बघेल, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, राकेश तिवारी, राजकुमार चंद्रा, बलवीर सिंह, आरक्षक मनीष राजपूत, विरेन्द्र टंडन, विवेक सिंह, अर्जुन यादव, शहबाज अहमद, आकाश कलोसिया, सीताराम सूर्यवंशी एवं जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के एसआई योगेश अग्रवाल, आरक्षक राजेश शर्मा, रामकृष्ण मिश्रा एवं साईबर सेल टीम की भूमिका रही।


