शुभ संकेत/कोरबा:-शहर में नालियों की सफाई में भारी लापरवाही बरती जा रही है। सप्ताह में तो दूर महीने बाद भी सफाई नहीं होती है। इससे नाली जाम होने से गंदा पानी का भराव रहता है। समय पर कचरे का उठाव भी नहीं हो रहा है।
टीपी नगर क्षेत्र में नालियां जाम होने से मच्छर भी पनप रहे हैं। बड़े नालों की सफाई बारिश के पहले एक बार ही कराया जाता है। नाली से कचरा निकालने के बाद तुरंत ही इसका उठाव करने का दावा किया जाता है। वह भी औपचारिक साबित हो रही है। निगम के 67 वार्डों में रोज 100 टन से अधिक कचरा निकलता है। इसके अलावा गीले और सूखे कचरे का डोर टू डोर कलेक्शन 19 सेंटरों में भेजा जाता है। अब ठेकेदारों को भी कचरे को एसएलआरएम सेंटर भेजने कहा गया है।
कचरा उठाव व सफाई पर नजर
मेयर राज किशोर प्रसाद का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई करने कहा गया है। कचरे का भी तुरंत उठाव होना चाहिए। मैं स्वयं वार्डों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहा हूं। कहीं भी समस्या है तो उसे दिखवाया जाएगा।
3 चरण में सफाई, फिर भी नालियों में कचरा
निगम के पास अभी स्वयं का प्रसंस्करण केंद्र नहीं है। बरबसपुर में केंद्र बनाने के लिए प्लानिंग की गई है। शहर में भले ही 3 चरणों में सफाई होती है। इसके बाद भी नालियां कचरे से भरी होती है। दवा का छिड़काव भी नियमित नहीं किया जाता है।


