सक्ती(प्रकाश साहू की रिपोर्ट)-: जिले के समन्वय संस्था शा कन्या उ मा वि सक्ती में हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा -26 की अमूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए गुणवत्ता पूर्ण मूल्यांकन प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित किया गया । जिसमें विभिन्न बिषयों के मुख्य परीक्षक, उपमुख्य परीक्षक, मूल्यांकन स्टाफ सहित 70 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी बाघ द्विवेदी ने अपने स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने से आश्वस्त कराते हुए,ईमानदारी और निष्ठा के साथ गंभीरता पूर्वक मूल्यांकन कार्य करने,सभी आवश्यक अभिलेखों को सावधानी के साथ संधारण करने,बोर्ड द्वारा निर्धारित समय तक उपस्थित रहकर मूल्यांकन कार्य करने की ओर ध्यान आकृष्ट किया और मुख्य परीक्षकों को जिनके अभिलेख त्रुटि रहित रहने पर शील्ड प्रदान करने की घोषणा के साथ टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील की ,इस अवसर पर मूल्यांकन केंद्र अधिकारी सरोजनी लकड़ा ने कहा कि बोर्ड के निर्देश के अनुसार मूल्यांकन कार्य करना है। निर्धारित शैक्षणिक अर्हता और तीन वर्ष अध्यापन अनुभव रखने वाले शिक्षक ही मूल्यांकन कार्य करेंगे। मूल्यांकन केंद्र में मोबाइल,हेडबेग पूरी तरह से वर्जित रहेगा । यदि इस प्रकार की सामग्रियां पायी जाती हैं तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हम विवश होंगे,सभी आवश्यक अभिलेख सुवाच्य एवं स्पष्ट संधारण करने,मुख्य परीक्षक अपने परीक्षकों की निर्धारित समय तक उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे और निर्देशानुसार हेड डिप्टी हेड को पुनर्मूल्यांकन करना अनिवार्य है पुनर्मूल्यांकन में 0और 90 या इससे अधिक अंक को प्राथमिकता में रखना है। मास्टर ट्रेनर ओ पी कैवर्त ने बोर्ड की अपेक्षा के अनुरूप गुणवत्ता पूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ मूल्यांकन कार्य करने की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि परीक्षकों को जांच कार्य लाल स्याही से ही और प्रश्नों के कुल प्राप्तांक बाएं हासिए पर लिखा जाना है और आंतरिक अंक विभाजन के प्रश्नों के उत्तर में प्राप्तांक दाएं हासिए पर और कुल प्राप्तांक बाएं हासिए पर लिखना है। समुचित मूल्यांकन के लिए जांच कार्य में वस्तुनिष्ठता का ध्यान रखते हुए जांच कार्य करना है । उन्होंने परीक्षकों द्वारा मूल्यांकन कार्य में की जाने त्रुटियों जैसे कि उत्तर के किसी भाग का मूल्यांकन नहीं करना, उत्तर को बिना पूरा पढ़े मूल्यांकन करना, अंकों को केरीफार्वड करते समय अंक बदल देना, पृष्ठवार योग करने में गलती करना, अंतिम उत्तर के बाद शेष बचे कोरे भाग काश क्रास नहीं करना, अंतिम पृष्ठ में प्राप्तांक लिखकर हस्ताक्षर नहीं करना, अंतिम पृष्ठ के प्राप्तांक को प्रथम पृष्ठ पर बदल देना, प्रथम पृष्ठ के प्राप्तांक को फाइल काऊंटर फाइल में बदल देना, फाइल काऊंटर फाइल में अनुपस्थित रोल नंबर के सामने अंक लिख देना और उपस्थिति रोल नंबर के सामने अनुपस्थित लिख देना,जिन रोल नंबर के उत्तर पुस्तिका प्राप्त नहीं होते हैं उनके सामने एन आर के स्थान पर अनुपस्थित लिख देना,नकल प्रकरण वाले रोल नंबर की उत्तर पुस्तिका प्राप्त होने पर यू एफ एम के स्थान अनुपस्थित लिख देना। प्री प्रिंटेड रोल नंबर के अतिरिक्त रोल नंबर की उत्तर पुस्तिका प्राप्त होने पर लूज अंकतालिका में संधारण करने के बजाय उसी अंकतालिका में हाथ से लिख देना , बिषय और बिषय कोड की जांच किए बिना दूसरे बिषय के फाइल काऊंटर फाइल भर देना, अंकतालिका में ओवर राइटिंग करने पर सूक्ष्म हस्ताक्षर से प्रमाणित नहीं करना, अंकों का स्पष्ट लेखन नहीं करना, अंकों को शब्दों में लिखने में त्रुटि करना, हेड का अपने समक्ष अंकतालिका नहीं भरवाना आदि होने वाली गलतियों से बचने के लिए सतर्कता और सजगता के साथ मूल्यांकन कार्य करने और करवाने पर ध्यान देने की आवश्यकता से अवगत कराया। इस अवसर पर वर्ष 2025 की परीक्षा में त्रुटि रहित अभिलेख संधारण कराने वाली मुख्य परीक्षक सुशीला राठौर और सविता तिवारी को जिला शिक्षा अधिकारी के हाथों पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। अंत में सभी परीक्षकों ने मूल्यांकन में गुणवत्ता के लक्ष्य को पाने प्रयास करने के अपने संकल्प से अवगत कराया।



