शुभ संकेत/जाजगीर चांपा :-जिले के अन्तर्गत आने वाले नगर पंचायत खरौद की घटना है । जहां के निवासी जवाहर लाल साहू बिलाईगढ़ में वन विभाग में काम करते थे जिनकी मृत्यु सन् 2005 में हो गई थी । उस समय जवाहर लाल साहू का बेटा पंद्रह वर्ष का था जो अपने पिता के स्थान पर काम नहीं कर सकता था क्योंकि वह नाबालिक था इसलिए परिवार और सामाज के सामने लिखित में इकरारनामा किया गया था कि जवाहर लाल साहू के बेटे राकेश साहू को बालिक होने तक पालन का काम और विवाह के बाद कुछ राशि देने के इकरार पर उसकी बहन सावित्री साहू को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई थी लेकिन बाद में उसने अपने भाई को पढाया लिखाया ही नहीं ताकि पढने के बाद वह अपना अधिकार मांग ना सके जैसे जैसे दिन गुजरता गया वैसे वैसे राजेश की बहन दुरिंया बनाती चली गई और अपने भाई को दिया जाने वाला सहायता राशि को भी बंद कर दिया इसी बीच सावित्री और राकेश बीच सहायता राशि को लेकर वाद विवाद हुआ और गुस्से में राकेश अपने उपर मिट्टी तेल डाल कर आग लगा लिया था जिसके बाद वह विकलांग हो गया और शिक्षिका सावित्री साहू ने सहयोग करने की बात कह कर उसका विवाह करा दिया और बिलकुल भी सहयोग नहीं किया और राजेश की पत्नी के साथ मार पीट करती हैं जिसकी रिपोर्ट शिवरीनारायण थाने में दर्ज कराई गई लेकिन थाने वालों ने कार्यवाही अब तक नहीं की है लगता है शिवरीनारायण थाने में पांच साल बिताने के बाद कार्यवाही होती है यदि प्रार्थी पैसे वाला ना हो ? राकेश की और चार बहनें है लेकिन कोई भी राकेश के पास नहीं आती है और ना ही फोन करती हैं इस घटना की जानकारी कलेक्टर महोदय जाजगीर चांपा को दे दी गई है जिसकी भनक सावित्री साहू को लगते ही अपने भाई राकेश और बहनों को धमकाने लगी है राकेश के दो बच्चे हैं जिसका पालन पोषण किराये के आटो को चला कर करता है और जो इकरारनामा हुआ था उसे भी फाड़ दिया गया है जिसके गवाह राकेश की छै बहनें है जिनका नाम सकुन बाई ,सरस्वती ,संत़ोषी, सावित्री, सुनिता , अनिता और राकेश की माँ शुकवारा यहाँ आप को यह बताना बेहद जरुरी है कि राकेश को उसकी माँ शुकवारा से मिलने के लिए बहन सावित्री दो लाख रुपये की मांग करती है आगे देखना है कि राकेश को उसका अधिकार दिलाने में प्रशासन की क्या भूमिका रहेगी

शुभ संकेत न्यूज़ जांजगीर जिले से ईश्वर जांगडें की रिपोर्ट


