कोरबा जिले के बांकीमोंगरा एसईसीएल हॉस्पिटल के समीप कबाड़ दुकान के बाहर पसरा रहता है गंदगी , आनेजाने वाले लोगों को होती है। परेशानियां ।

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शुभ संकेत/छत्तीसगढ़:-कोरबा जिला कोरबा के बांकीमोंगरा क्षेत्र अन्तर्गत एसईसीएल हॉस्पिटल के समीप लम्बे समय से संचालित कबाड़ दुकान के सामने गंदगी पसरा रहता है साथ ही आसपास में कबाड़ समान को रखा जाता है जिससे हॉस्पिटल व शिव मंदिर आनेजाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है । और कबाड़ समान जो जरूरत की समान नहीं होता है उसे जलाया जाता है जिसके वजह से आसपास के वातावरण दुषित हो रहे हैं । जिसका शिकायत युवा कांग्रेस कोरबा ग्रामीण जिला अध्यक्ष विकास सिंह ( विक्की ) ने पुलिस अधीक्षक को बांकीमोंगरा थाना के द्वारा ज्ञापन सोंपे है कि कबाड़ दुकान जल्द से जल्द बंद हो जिससे उस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को राहत मिल सके ।

चोरी का कबाड़ जा रहे हैं इन्हीं के पास ।

बांकीमोंगरा क्षेत्र के बंद पड़े खदानों की नजर कबाड़ चोरों पर लगी हुई जो धीरे-धीरे लोहे जैसे समान चोरी हो रहे हैं और लबें समय से चोरी का समान एसईसीएल हॉस्पिटल के समीप संचालित कबाड़ दुकान में पहुंच रहे हैं । हालांकि बांकीमोंगरा पुलिस के द्वारा पकड़े जाने पर कार्यवाही करते हैं इसके वाबजूद चोरी का सामान खरीदना बंद नहीं हुआ है । और अन्य स्थानों में खुले कबाड़ दुकान बंद हो चुके हैं जिसका फायदा एसईसीएल हॉस्पिटल के समीप संचालित कबाड़ दुकान फायदा उठा रहे हैं ।

महिला संचालिका होने के कारण हौसले बुलंद ।

एसईसीएल हॉस्पिटल व शिव मंदिर के समीप जो कबाड़ी दुकान है उस दुकान का संचालिका महिला करती है जिसके कारण उनके हौसले बुलंद हैं क्योंकि महिला है कहकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि इस नाम से कुछ नहीं कहते कि कहीं फंसा ना दे क्योंकि कई लोगों के साथ आयेसे हो चुके हैं । कबाड़ दुकान के पास आये दिन कबाडियां आपस में विवाद करते है क्योंकि ज्यादातर कबाडियां नशे में चुर रहते हैं और अनाप शनाप गालियां देते रहते हैं जिसके वजह से शिव मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहन करना पड़ता है और कहीं जिम्मेदार व्यक्ति बोल दे तो उन्हें भी वाद -विवाद करते हैं और नहीं तो झुठे केस में फंसा देने का धमकियां देते हैं । अधिकतर क्षेत्र के जनता जानते हैं कि लोगों से कबाड़ दुकान की संचालिका किस तरह की व्यवहार करते हैं मुखबिर की माने तो पुरुष पुलिस भी छोटे -छोटे कार्यवाही से कतराते हैं क्योंकि उन्हें भी डर है कि कहीं कबाड़ संचालिका महिला झुठे केस में फंसा ना दे ।

10 से 14 वर्ष के बच्चे भी कर रहे उस कबाड़ दुकान में काम ।

एसईसीएल हॉस्पिटल व शिव मंदिर के समीप कबाड़ दुकान में दुकान संचालिका द्वारा नाबालिक बच्चों के माता-पिता के साथ साथ बच्चों से भी काम कराया जा रहा है साथ ही कबाड़ से जुगाड़ जर्जर गाडियों को दुकान में काम करने वाले नाबालिक बच्चे चला रहे हैं जो अपने आप को बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित कर रहे हैं । साथ ही कबाड़ दुकान में काम रहे बच्चे भी नशे के जड़ में आ गए हैं ।

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