बाकी मोगरा (विनोद साहू की रिपोर्ट )-: बाँकी मोंगरा नगर परिषद में भाजपा की नगर सरकार बनने के बाद विकास कार्यों में तेजी आई है, इसी क्रम में डेली मार्केट के सौंदर्यकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य को लेकर भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा और लघु सब्जी विक्रेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
नगर परिषद द्वारा डेली मार्केट के सौंदर्यकरण और निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी की गई है। निर्माण कार्य के दौरान बाजार क्षेत्र को खाली कर अस्थायी रूप से सोमवारी बाजार में स्थानांतरित करने की सूचना प्रशासन की ओर से दी गई है। इसी निर्णय को लेकर छोटे व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं में असंतोष देखा जा रहा है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह कदम व्यापारियों के हित में उठाया गया है और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सभी विक्रेताओं को पुनः पुराने स्थान पर व्यवस्थित किया जाएगा। उनका दावा है कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया डेली मार्केट तैयार किया जाएगा, जिससे व्यापारियों और आम जनता दोनों को लाभ मिलेगा।
हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा और विक्रेताओं ने अपनी आशंकाएं खुलकर रखीं। उनका कहना है कि उन्हें लगातार यह सुनने को मिल रहा है कि डेली मार्केट से हटाकर स्थायी रूप से सोमवारी बाजार भेजा जाएगा। इसी कारण व्यापारियों में भय और असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
विक्रेताओं ने कहा कि उन्हें डर है कि टेंडर और निर्माण कार्य की आड़ में उनका स्थान परिवर्तन कर दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि क्षेत्र का विकास होना चाहिए और सभी को विकास कार्यों में सहयोग करना चाहिए।
जब उनसे पूछा गया कि क्या परिषद और अधिकारी उन्हें समझाने में सफल नहीं हो पाए हैं, तो उन्होंने कहा कि वे केवल यह चाहते हैं कि उन्हें अपने वर्तमान स्थान से स्थायी रूप से न हटाया जाए। व्यापारियों ने मांग की कि निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से कराया जाए ताकि पूरी बाजार व्यवस्था एक साथ प्रभावित न हो।
विक्रेताओं ने बताया कि उन्हें कुछ समय के लिए सोमवारी बाजार में दुकान लगाने का नोटिस दिया गया है और निर्माण पूर्ण होने के बाद वापस पुराने स्थान पर लाने की बात कही गई है, लेकिन वे इस आश्वासन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं।
आंदोलन की चेतावनी देते हुए व्यापारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 12 तारीख को आंदोलन किया जाएगा।
पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि विक्रेताओं में प्रशासनिक निर्णय को लेकर गलतफहमी और अविश्वास की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि संवाद के माध्यम से व्यापारियों की शंकाएं दूर करें, ताकि विकास कार्य भी प्रभावित न हो और भविष्य में जनता एवं व्यापारियों को एक बेहतर और सुविधायुक्त डेली मार्केट मिल सके।



