मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर किए जाने के खिलाफ कांग्रेस ने बड़ा फैसला लिया है। *05 जनवरी से देशभर में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’* शुरू होगा। यह निर्णय कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष *मल्लिकार्जुन खरगे जी* ने की। बैठक में सोनिया गांधी जी, लोकसभा में विपक्ष के नेता *राहुल गांधी जी* , तीन राज्यों के मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
*खरगे जी का सीधा आरोप*:
_खरगे जी ने कहा, मोदी सरकार को गरीबों की नहीं, सिर्फ अपने अमीर दोस्तों की चिंता है_। उन्होंने साफ कहा कि *मनरेगा कोई योजना नहीं, संविधान से मिला काम का अधिकार है*, और कांग्रेस इसकी हर कीमत पर रक्षा करेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि नए *प्रावधानों से केंद्र का हिस्सा 90% से घटाकर 60%* कर दिया गया है, जबकि *राज्यों पर बोझ 40%* तक बढ़ा दिया गया, जिससे राज्यों की कमर टूटेगी और विकास रुकेगा। महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रपिता का अपमान है।
*राहुल गांधी जी का वार:*
राहुल गांधी ने कहा, _देश में ‘वन मैन शो’ चल रहा है_। मनरेगा पर हमला सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से हुआ, *ना मंत्री से चर्चा, ना कैबिनेट से*।
उन्होंने चेताया कि मनरेगा खत्म करने से *दलित, आदिवासी, ओबीसी, गरीब और अल्पसंख्यक* सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। यह *संघीय ढांचे पर हमला* और पैसा–सत्ता का केन्द्रीकरण है। अधिकार आधारित ढांचा टूटा तो *ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी* और लाभ चंद पूंजीपतियों को मिलेगा।
*कांग्रेस का संकल्प*:
– 05 जनवरी से देशव्यापी आंदोलन
– मनरेगा के काम, मजदूरी और समय पर भुगतान के अधिकार की रक्षा
– ग्राम सभा और मांग-आधारित रोजगार को बचाना
– मजदूर के अधिकार को खैरात में बदलने की साजिश का लोकतांत्रिक विरोध
– गांव-गांव आवाज बुलंद
कांग्रेस का साफ संदेश है, *मनरेगा बचेगा, गरीब का हक बचेगा।*


