मुख्यमंत्री की भाषा से उनके संस्कार झलकते हैं : माकपा 
भोपाल l कल एक सार्वजनिक सभा में मुख्यमंत्री द्वारा मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता के लिए उपयोग की गई भाषा, किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की गरिमा के प्रतिकूल है l यह भाषा राजनैतिक मर्यादा और सामान्य शिष्टाचार के भी खिलाफ है l मगर खुद को संस्कारी पार्टी और एक तथाकथित सांस्कृतिक संगठन के प्रशिक्षित व्यक्ति की भाषा से साफ है कि उनके संस्कार क्या है?
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि संघ और भाजपा की चुप्पी से यह साबित हो गया है कि वे भी मुख्यमंत्री की भाषा से सहमत हैं l
माकपा नेता ने कहा है कि संसदीय जनतन्त्र में असहमति और विपक्ष जनतन्त्र का अनिवार्य अंग होते हैं l ज़ब तार्किक बात करने की बजाय मुख्यमंत्री अमर्यादित भाषा का उपयोग करते हैं तो साफ है कि भाजपा का लोकतंत्र और संविधान में कोई विश्वास नहीं है l
जसविंदर सिंह ने कहा है कि हमेशा विवादों में रहने और खुद को गर्व से अपराधी कहने वाले भाजपा के विधायक ने अब तो 13 व्यक्तियों के हत्यारे डकैत को अपना दोस्त ही नहीं निर्दोष भी कह दिया है l भाजपा इस पर भी चुप है l ऐसा लगता है जैसे भाजपा में अमर्यादित होने की होड़ सी लग गई है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने इस अमर्यादित भाषा की निंदा करते हुए कहा है कि जनतंत्र में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को इसकी निंदा करनी चाहिए l
मुख्यमंत्री की भाषा से उनके संस्कार झलकते हैं : माकपा
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