हाथियों के आतंक से जैतहरी के ग्रामीण बेहाल, जान-माल की सुरक्षा और मुआवजे को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को वन अधिनियम के अंतर्गत मुआवजा का कानून बनाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे नत्थू लाल राठौर

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दिल्ली अनुपपुर श्री शिवराज सिंह चौहान जी कृषि केंद्रीयमंत्री/ के निवास दिल्ली में नत्थू लाल राठौर संपादकीय सलहकार एवं भुवनेश्वर सोनी संपादक  शुभ संकेत न्यूज़ से मंत्री जी से मुलाकात मैं श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा मेरे संज्ञान में है इसके लिए सरकार के तरफ से कोई ठोस कार्यवाही करेगे जैतहरी क्षेत्र में हाथियों के बढ़ते आतंक ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हाथियों के लगातार विचरण और हमलों से जहां कई लोगों की जान जाने की बात सामने आई है, वहीं किसानों की खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि जैतहरी क्षेत्र छत्तीसगढ़ की सीमा से लगा हुआ होने के कारण यहां हाथियों का लगातार आवागमन बना रहता है। हाथियों के झुंड जंगल से निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों तक पहुंच जाते हैं। इससे ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के कारण अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है तथा किसानों की मेहनत से तैयार फसलें भी बर्बाद हो रही हैं।
सीमा क्षेत्र होने से मुआवजे को लेकर ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों ने ज्ञापन में सबसे गंभीर समस्या मुआवजा नहीं मिलने की बताई है। उनका आरोप है कि छत्तीसगढ़ सीमा से लगे होने तथा हाथियों के लगातार सीमा पार आवागमन के कारण फसल नुकसान के मामलों में मध्यप्रदेश वन विभाग की ओर से मुआवजा प्राप्त करने में परेशानी आती है। इससे हाथियों के कारण नुकसान झेलने वाले किसान आर्थिक संकट में पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री से मांग की है कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए ऐसी स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें हाथियों की गतिविधि के कारण होने वाली जनहानि एवं फसल क्षति का समय पर आकलन कर प्रभावित परिवारों और किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
हाथियों से सुरक्षा के लिए बने स्थायी कार्ययोजना
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने हाथी प्रभावित गांवों में वन विभाग की निगरानी बढ़ाने, हाथियों की लोकेशन की जानकारी ग्रामीणों तक तत्काल पहुंचाने, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा जनहानि रोकने के लिए स्थायी कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का आतंक अब केवल फसल नुकसान का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीणों की जिंदगी और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन चुका है। ऐसे में शासन-प्रशासन को मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ठोस एवं स्थायी समाधान निकालना जरूरी है।
अब देखना यह होगा कि केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन के बाद हाथी प्रभावित जैतहरी क्षेत्र के ग्रामीणों की वर्षों से चली आ रही समस्या के समाधान और मुआवजे को लेकर शासन स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं। संभागीय ब्यूरो विनोद राठौड़ महेश प्रजापति जिला ब्यूरो

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