
अनूपपुर |
एमबी पावर की स्थापना, रेल लाइन एवं अन्य निर्माण परियोजनाओं से प्रभावित हजारों खातेदारों एवं उनके परिवारों के पुनर्वास, रोजगार एवं अन्य ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई का आयोजन किया गया। यह जनसुनवाई एसडीएम महोदय श्री सतीश वर्मा जी की अध्यक्षता में एवं तहसीलदार श्री रमाकांत तिवारी जी, थाना प्रभारी व स्टाफ जैतहरी, राजस्व विभाग के पटवारी, आर आई की संयुक्त टीम की उपस्थिति में संपन्न हुई।
जनसुनवाई में भूमि विस्थापित किसान कर्मचारी संघ के अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव सहित संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामों के हजारों विस्थापित खातेदार किसान एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संघ की कार्यकारी अध्यक्ष महोदया श्री मति द्रोपती राठौर जी द्वारा हजारों विस्थापित खातेदारों एवं उनके परिवारों के पुनर्वास के अंतर्गत मिलने वाले समस्त वैधानिक अधिकारों एवं आवश्यक मांगों को मजबूती से रखी एस डी एम महोदय प्रशासनिक अमला के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि परियोजना प्रबंधन द्वारा वर्षों से हजारों प्रभावित किसानों के परिवारों का शोषण किया जा रहा है तथा उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है।
संघ द्वारा प्रमुख रूप से निम्न आधिकारिक मांगें रखी गईं—
प्रत्येक विस्थापित खातेदार के परिवार से कम से कम एक सदस्य को स्थायी नौकरी/रोजगार दिया जाए व अब तक कंपनी प्रबंधन के द्वारा नौकरी न देने पर क्षतिपूर्ति राशि दिलाई जाए।
वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों की वेतन वृद्धि व प्रमोशन की जाए।
कार्य कर रहे सदस्य जिनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई है परिवार के जीविकोपार्जन के लिए एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
सामुदायिक डेयरी विकास, विशेष आर्थिक अनुदान एवं पुनर्वास अनुदान प्रदान किया जाए।
CSR योजना के अंतर्गत ग्रामों का विकास एवं 12वीं कक्षा तक की निःशुल्क शिक्षा कंपनी के विद्यालय में उपलब्ध कराई जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर्गत पैथोलॉजी लैब, प्रसूति गृह एवं अन्य चिकित्सा सुविधाएँ स्थापित की जाएँ।
वृद्धा, विधवा, विकलांग एवं निशक्त पेंशन सहित ग्रामवासियों की अन्य मूलभूत समस्याओं का निराकरण किया जाए।
मध्यप्रदेश राज्य की आदर्श पुनर्वास नीति 2002 का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।
पूर्व में अनुमोदित पुनर्वास पैकेज को अपास्त (निरस्त) किए जाने की मांग की गई।
जनसुनवाई के दौरान एसडीएम महोदय ने विस्थापितों की समस्याओं को गंभीरता से सुना एवं एक माह की समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे सभी समस्याओं को प्रतिवेदन के रूप में तैयार कर कलेक्टर महोदय के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, ताकि उच्च स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके।
जनसुनवाई के बाद विस्थापितों में आशा जगी है कि वर्षों से लंबित उनकी समस्याओं का अब न्यायसंगत समाधान शीघ्र होगा।


