हरदी बाजार के ग्रामीणों ने उठाया कदम, वन संरक्षण से लेकर मुआवजा और रोजगार के मुद्दों पर संघर्ष का लिया संकल्प
शुभ संकेत/कोरबा (विनोद साहू की रिपोर्ट):- जंगल, वन्यजीवों और स्थानीय लोगों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर हरदी बाजार के ग्रामवासियों ने एक नई पहल करते हुए ‘जंगल जीव एवं जन अधिकार संघ (JJS)’ का गठन किया है। संगठन के पंजीयन की प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव आगे भेजा जा चुका है। संघ का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में लगातार हो रही जंगलों की कटाई पर रोक लगाने के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों के आसपास रहने वाले परिवारों के अधिकारों की रक्षा करना है।
संघ की ओर से बताया गया कि जंगलों में हो रही वृक्षों की अंधाधुंध कटाई को रोकना, वन क्षेत्र में रहने वाले जीव-जंतुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा जंगलों के आसपास निवासरत आदिवासी एवं सामान्य वर्ग के परिवारों को उचित मुआवजा और रोजगार दिलाना संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
इसके अलावा सीसीएल द्वारा किए जा रहे भूमि अधिग्रहण में सामने आने वाली अनियमितताओं को लेकर सरकार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष जवाबदेही तय कराने की दिशा में भी संघ काम करेगा। वहीं, छत्तीसगढ़ में विभिन्न कंपनियों द्वारा गोद लिए गए गांवों की सुरक्षा, विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर किए गए वादों को पूरा नहीं करने की स्थिति में भी संगठन संबंधित कंपनियों से जवाब मांगने की बात कही है।
संघ का कहना है कि जंगल, जीव-जंतु और स्थानीय लोगों के अधिकार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए इन सभी मुद्दों को लेकर संगठन स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आवाज उठाएगा और मानव अधिकारों को सुनिश्चित कराने के लिए लगातार प्रयास करेगा।
नई कार्यकारिणी का गठन
जंगल जीव एवं जन अधिकार संघ की कार्यकारिणी में अध्यक्ष चंद्रशेखर पांडेय, उपाध्यक्ष शशि भैना, सचिव पद्मिनी यादव, सहसचिव संतोष कुमार भारद्वाज, मीडिया प्रभारी उदय चौधरी, कोषाध्यक्ष राजकमल यादव तथा उपकोषाध्यक्ष भानु प्रसाद यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, दुर्गेश साहू एवं प्रतिक को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है। नवगठित संघ ने क्षेत्र के लोगों से जंगल, वन्यजीव और जन अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की है।



