शुभ संकेत/कोरबा -: छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी/अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, बांकीमोंगरा, जिला कोरबा के कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के समस्त छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण दिनांक 23 जून 2026 को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी रतनपुर, जिला बिलासपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना तथा उनके ज्ञान में व्यावहारिक विस्तार करना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध माँ महामाया मंदिर, रतनपुर तथा अन्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों को रतनपुर के गौरवशाली इतिहास, कलचुरी शासनकाल की विरासत एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

उल्लेखनीय है कि यह शैक्षणिक भ्रमण पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम एवं अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, बांकीमोंगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। दोनों माध्यमों के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस संयुक्त आयोजन ने विद्यार्थियों में आपसी समन्वय, सहयोग, अनुशासन तथा राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक एकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

विद्यालय के प्राचार्य एस. डिंडोरे के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। वहीं पीएम प्रभारी द्वय एस. एस. पैकरा एवं बी. के. शर्मा के उत्कृष्ट प्रबंधन, समन्वय एवं सतत निगरानी के फलस्वरूप यात्रा की समस्त व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित रूप से संपन्न हुईं।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक स्मारकों एवं धार्मिक स्थलों के महत्व को समझा तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता प्राप्त की। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न स्थलों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थापत्य कला तथा सामाजिक एवं धार्मिक महत्व के संबंध में जानकारी प्रदान की। इससे विद्यार्थियों में इतिहास, संस्कृति एवं विरासत संरक्षण के प्रति रुचि और अधिक विकसित हुई।
इस शैक्षणिक भ्रमण की सफलता में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने विद्यार्थियों के मार्गदर्शन, सुरक्षा, अनुशासन एवं यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके समर्पण, सहयोग एवं टीम भावना के परिणामस्वरूप यह शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका। विद्यालय परिवार ने सभी शिक्षकों, शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
प्राचार्य श्री एस. डिंडोरे ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के बौद्धिक, सामाजिक एवं नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान करते हैं, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अनुशासन, उत्साह एवं जिज्ञासा का परिचय देते हुए यात्रा को सफल बनाया। विद्यालय परिवार ने छत्तीसगढ़ शासन की इस महत्वपूर्ण पहल की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।



