
*अनूपपुर (राजनगर)। जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में इन दिनों कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए पशु तस्करी का काला कारोबार चरम पर है। पूर्व पुलिस कप्तान मोतिउर रहमान के जाते ही तस्करी के पुराने खिलाड़ियों ने राजनगर को अपना मुख्य गढ़ बना लिया है। इस पूरे सिंडिकेट के पीछे बल्लू और साजिद जैसे नाम चर्चा में हैं, जिन्होंने पुलिस के नाक के नीचे अपना नेटवर्क फैला रखा है।*
*👉राजनगर थाना क्षेत्र में तस्करी का ‘ब्लू प्रिंट’*
*स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, राजनगर के पेट्रोल पंप के समीप स्थित गुप्त रास्तों को तस्करी के लिए कॉरिडोर की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। तस्करों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि अब वे छिपकर नहीं, बल्कि डंके की चोट पर लोडिंग कर रहे हैं।*
*टारगेट पर राजनगर: बताया जा रहा है कि बल्लू और साजिद की जोड़ी ने राजनगर थाने के आसपास के इलाकों से ही पशुओं को चोरी करने और उन्हें एकत्रित करने का मुख्य केंद्र बनाया है।*
*पिकअप का पहिया, मौत का जरिया: हर रात यहाँ से 4-5 पिकअप गाड़ियां गौवंश और अन्य पशुओं को क्रूरतापूर्वक भरकर सीधे उत्तर प्रदेश के स्लॉटर हाउस की ओर रवाना की जाती हैं।*
*👉पैसे की धमक: इस धंधे से आ रही अवैध कमाई के दम पर यह गुट स्थानीय स्तर पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश कर रहा है।*
*👉पुलिस की चुप्पी पर उठ रहे गंभीर सवाल*
*आखिर क्या वजह है कि जिस गिरोह को पूर्व एसपी ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था, वह राजनगर में फिर से इतना ताकतवर हो गया?*
*क्या राजनगर पुलिस को इन ‘अड्डों’ की जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?*
*राजनगर पेट्रोल पंप के पास सक्रिय इस सिंडिकेट पर कब होगा एक्शन?*
*बल्लू और साजिद जैसे तस्करों को पुलिस का खौफ क्यों नहीं सता रहा?*
*राजनगर की जनता अब जिला प्रशासन और नए पुलिस कप्तान से उम्मीद लगाए बैठी है कि क्या फिर से इन माफियाओं पर शिकंजा कसा जाएगा या राजनगर इसी तरह तस्करों की चारागाह बना रहेगा?*
राजनगर बना पशु तस्करों का ‘सेफ जोन’, बल्लू और साजिद की जोड़ी ने पुलिस को दी खुली चुनौती!*
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