गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के मरवाही वनमंडल के मरवाही परिक्षेत्र में हाथियों के साथ छेड़छाड़ 

करने और उन पर पत्थर फेंकने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नाबालिगों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया है। विभाग का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो क्षेत्र में हाथी-मानव संघर्ष की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।मामला मरवाही परिक्षेत्र के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में पिछले लगभग एक माह से चार हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। इसके साथ ही ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। विभाग द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।हाल ही में सोशल मीडिया और समाचार के माध्यमों में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ ग्रामीण हाथियों के करीब पहुंचकर उन पर पत्थर फेंकते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू की।।। अधिकारियों के अनुसार कर्मचारियों द्वारा समझाइश दिए जाने के बावजूद संबंधित व्यक्तियों ने यह कृत्य किया था। इस तरह की हरकत से हाथियों के आक्रोशित होने और किसी भी समय हाथी-मानव संघर्ष की स्थिति बनने की आशंका थी, जिससे जनहानि भी हो सकती थी।
वन विभाग की जांच में वायरल वीडियो मरवाही परिक्षेत्र के सचराटोला क्षेत्र का पाया गया। वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और दो नाबालिग ग्रामीणों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2(16) एवं धारा 9 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। विभाग द्वारा मामले में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
वनमंडलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि हाथियों अथवा अन्य वन्यजीवों के निकट जाने, उन्हें उकसाने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा और मानव जीवन की रक्षा के लिए आम जनता का सहयोग बेहद आवश्यक है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने तथा हाथियों की सूचना मिलने पर तत्काल वन अमले को जानकारी देने की भी अपील की है।


