*जैतहरी में हाथियों का मूवमेंट, रेंजर की ग्रामीणों से अपील*
जैतहरी के रेंजर विवेक मिश्रा ने ग्रामीणों से विशेष अपील जारी की है। उन्होंने कहा है कि क्षेत्र में हाथियों का दल विचरण कर रहा है और ऐसे में ग्रामीणों की सतर्कता सबसे ज्यादा जरूरी है।
*रेंजर विवेक मिश्रा ने क्या कहा:*
सबसे पहली अपील है कि हाथियों को उनका प्राकृतिक रास्ता तय करने दें। उनके आने जाने में किसी तरह का व्यवधान ना डालें। अक्सर देखा गया है कि लोग उत्सुकता या डर की वजह से हाथियों के रास्ते में आ जाते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है।
दूसरी सबसे अहम बात है दूरी बनाकर रखना। रेंजर ने साफ तौर पर कहा है कि हाथियों से कम से कम 100 मीटर की दूरी हमेशा बनाए रखें। 100 मीटर यानी करीब एक फुटबॉल मैदान की लंबाई। इतनी दूरी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि हाथी अचानक आक्रामक हो सकते हैं।
तीसरी अपील है तत्काल सूचना देने की। यदि गांव के आसपास, खेत में या जंगल की सीमा पर हाथी दिखाई दें तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। इसके लिए विभाग का हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय बीट गार्ड का नंबर हमेशा अपने पास रखें। सूचना मिलने पर वन अमला मौके पर पहुंचकर हाथियों की निगरानी करेगा।
*ग्रामीण क्या ना करें:*
रेंजर मिश्रा ने कुछ बातों से बचने की भी सलाह दी है। हाथियों को देखकर शोर ना मचाएं, भीड़ इकट्ठा ना करें। मोबाइल से फोटो या वीडियो बनाने के लिए नजदीक जाने की कोशिश बिल्कुल ना करें। पटाखे फोड़ना, तेज रोशनी डालना या उन्हें भगाने की खुद से कोशिश करना भारी पड़ सकता है। रात के समय खेतों या जंगल के रास्तों पर अकेले ना निकलें।
*वन विभाग की तैयारी:*
फिलहाल वन विभाग की टीम हाथियों के दल पर लगातार नजर रखे हुए है। गश्ती दल 24 घंटे सक्रिय है और लोकेशन ट्रैक की जा रही है। विभाग ग्रामीणों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहा है ताकि जन और धन की हानि ना हो।
हाथी और इंसान का टकराव रोकने के लिए आपकी सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है। नियमों का पालन करें, वन विभाग का सहयोग करें और अफवाहों से बचें। वन विभाग से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए स्थानीय वन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।


