दिल्ली*क्या हुआ था जंतर मंतर पर?*
पिछले एक महीने से ज्यादा समय तक देश भर के छात्र-युवा जंतर मंतर पर शांति से बैठे थे। हमारा मकसद साफ था।
*हमारी मांगें क्या थीं?*
1. *शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा* – उनके कार्यकाल में NEET समेत 90 से ज्यादा परीक्षाओं के पेपर लीक हुए।
2. *NTA को खत्म करो* – NTA की वजह से लाखों छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है। कॉपी जांच में भी गड़बड़ी हुई।
3. *दोषियों को सजा दो* – जो लोग पेपर लीक और घोटाले कर रहे हैं उन पर सख्त कार्रवाई हो।
हम अपना भविष्य और देश का भविष्य बचाने के लिए सड़कों पर आए थे।
*सरकार ने क्या दिया जवाब?*
20 से 25 जुलाई के बीच शांतिपूर्ण आंदोलन पर लाठीचार्ज हुआ। आंसू गैस छोड़ी गई। पानी की बौछार की गई। पैलेट गन भी चलाई गई। मीडिया के कुछ चैनलों ने छात्रों को गाली दी।
फिर भी छात्रों ने हिम्मत नहीं हारी। जंतर मंतर और देश के 100 से ज्यादा शहरों में लाखों युवा इकट्ठा हुए। पुलिस से भी प्यार से बात की। मीम और रील से अपनी बात रखी। डरे नहीं।
*इसका नतीजा क्या निकला?*
आपके दबाव की वजह से शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। यह यंग इंडिया की जीत है। यह पढ़े-लिखे और लोकतांत्रिक भारत की जीत है।
*लेकिन लड़ाई खत्म नहीं हुई है। अभी बाकी है:*
1. *NTA को तुरंत भंग करो*। लीक रोकने के लिए सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं है।
2. *नई शिक्षा नीति रद्द करो*। जो कोरोना में बिना चर्चा के पास की गई और शिक्षा को कमजोर कर रही है।
3. *जंतर मंतर पर दमन करने वालों पर कार्रवाई हो*।
4. *सबको शिक्षा, सबको काम* – इस दिशा में सरकार कदम उठाए।
सरकार अब ध्यान भटका रही है। छात्रों को डरा रही है। छोटे बच्चों और उनके माता-पिता को परेशान कर रही है।
*हमारा संकल्प:*
हम न डरेंगे, न भटकेंगे।
आइए, पुरानी बातों में उलझने की बजाय अपने भविष्य के लिए एक साथ खड़े हों।
*छात्र एकता जिंदाबाद!*
*Sfi


